उज्जैन में बाबा महाकाल की शाही सवारी के लिए सतीगेट मार्ग को नया रूप दिया जा रहा है। 7 सितंबर को निकलने वाली सवारी से पहले इस मार्ग को सिंहस्थ से पूर्व तैयार करने की तैयारियां तेज हो गई हैं।
नगर निगम कंठाल चौराहा से छत्री चौक तक सड़क चौड़ीकरण और विकास कार्यों को गति दे रहा है। इस परियोजना को जल्द पूरा करना एक बड़ी चुनौती है।
मंगलवार शाम नगर निगम आयुक्त अभिलाष मिश्रा ने अधिकारियों के साथ कंठाल चौराहा से छत्री चौक तक मार्ग का निरीक्षण किया। उन्होंने सतीगेट सहित विभिन्न स्थानों पर चल रहे कार्यों की जानकारी ली।
शाही सवारी के मार्ग को देखते हुए सड़क निर्माण और चौड़ीकरण के कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करने पर जोर दिया जा रहा है।
कंठाल से छत्री चौक के बीच स्थित ऐतिहासिक सतीगेट इस विकास कार्य का महत्वपूर्ण हिस्सा है। चौड़ीकरण के दौरान इसके ऐतिहासिक स्वरूप को बनाए रखते हुए इसे मूल रूप दिया जाएगा। गेट की दीवारों की मरम्मत, धुलाई, केमिकल कोटिंग और पेंटिंग कर इसे आकर्षक बनाया जाएगा।
सतीगेट से कंठाल और सराफा की ओर जाने वाले मार्ग पर हर 25 मीटर के अंतराल पर कोबल स्टोन से सौंदर्यीकरण किया जाएगा। गेट के एक तरफ 8 फीट और दूसरी तरफ 15 फीट क्षेत्र में पेवर ब्लॉक लगाए जाएंगे। अब गेट के दोनों ओर से निकलने का रास्ता बनाया जाएगा, जबकि पहले एक तरफ अतिक्रमण के कारण रास्ता बंद था।
कंठाल चौराहे पर लगभग 500 वर्गमीटर क्षेत्र में पेवर ब्लॉक से एक नया चौराहा विकसित किया जा रहा है। इस परियोजना के तहत सबसे पुराने हनुमान मंदिर को भी स्थानांतरित किया गया है। कंठाल से सतीगेट तक नाली निर्माण, पेयजल लाइन और बिजली के पोल शिफ्टिंग का काम भी जारी है। चौड़ीकरण में बाधा बन रहे भवनों को हटाने की कार्रवाई भी चल रही है।