चीताखेड़ा। क्षेत्र में लगातार हो रही आपराधिक वारदातों से ग्रामीण दहशत में हैं और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठने लगे हैं। बीते 8 अगस्त को चीताखेड़ा के श्मशान घाट स्थित काल भैरव मंदिर में अज्ञात बदमाशों ने दानपात्र और अन्य सामग्री चोरी कर ली थी। यह मामला अभी ठंडा भी नहीं पड़ा था कि 9-10 अगस्त की मध्यरात्रि को बदमाशों ने होटल संचालक मांगीलाल माली को होटल में रस्सी से बांधकर बेरहमी से पीटा और चांदी के आभूषण, नगदी व उपज की बोरियां लूट ले गए। पुलिस इन दोनों मामलों में ठोस कार्रवाई कर पाती, उससे पहले ही 10-11 अगस्त की रात एक और वारदात को अंजाम दे दिया गया।
इस बार बदमाशों ने किसानों के खेतों में लगे कुओं व ट्यूबवेल की विद्युत मोटरों की कीमती केबलें काटकर चोरी कर लीं। चोरी की इस ताजा वारदात में किसान कारुलाल माली, भगत मांगरिया, शांतिलाल गेहलोत, टेकचंद नाई, कन्हैयालाल जावरिया और नागेश्वर जावरिया के खेत शामिल हैं।
किसानों ने नहीं दी लिखित शिकायत-
गौरतलब है कि किसी भी किसान ने पुलिस को इस घटना की लिखित सूचना नहीं दी। किसानों का कहना है कि पूर्व में भी इसी तरह की वारदातें हो चुकी हैं, लेकिन पुलिस ने अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। इस कारण उन्होंने शिकायत दर्ज कराना उचित नहीं समझा।
किसान भगत मांगरिया ने बताया, “मेरे खेत से करीब 50 फीट केबल चोरी हुई है। पहले भी चोरी हो चुकी है, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई, इसलिए इस बार आवेदन नहीं दिया।”
किसान कारुलाल माली ने कहा, “मेरे खेत से 80-90 फीट केबल चोरी हुई है। पहले भी काटकर ले गए थे, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।”
शांतिलाल गेहलोत ने बताया, “मेरे खेत से 15 फीट केबल चोरी हुई है।”
चौकी प्रभारी का बयान-
चीताखेड़ा पुलिस सहायता केंद्र के चौकी प्रभारी राजेंद्र सिंह सिसौदिया ने बताया, “विद्युत केबल चोरी का कोई आवेदन अभी तक प्राप्त नहीं हुआ है। जैसे ही शिकायत मिलेगी, बदमाशों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।