इंदौर। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर इंदौर में देशभक्ति और हौसले की अनोखी तस्वीर देखने को मिली। संस्था सार्थक की ओर से शुक्रवार को दिव्यांगजनों के साथ भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। कोठारी मार्केट पार्किंग से शुरू हुई यात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए गांधी हॉल पहुंची, जहां राष्ट्रगान के साथ इसका समापन हुआ।
यात्रा में बड़ी संख्या में दिव्यांगजन व्हीलचेयर पर शामिल हुए। हाथों में तिरंगा लेकर जब वे शहर की सड़कों से गुजरे तो लोगों का ध्यान उनकी ओर आकर्षित हुआ। चेहरे पर मुस्कान, हाथों में लहराता तिरंगा और दिल में देश के प्रति सम्मान लिए दिव्यांगजनों ने संदेश दिया कि शारीरिक सीमाएं किसी के हौसले और देशप्रेम को नहीं रोक सकतीं।
पद्मश्री सत्येंद्र सिंह लोहिया ने किया नेतृत्व
तिरंगा यात्रा का नेतृत्व पद्मश्री सत्येंद्र सिंह लोहिया ने किया। उनके साथ विभिन्न खेलों के पैरा खिलाड़ी, दिव्यांग उद्यमी और कला के क्षेत्र में पहचान बनाने वाले दिव्यांगजन भी शामिल हुए।
यात्रा में पैरा टेबल टेनिस की नेशनल प्लेयर और ऑल इंडिया रैंक-5 हर्षिता शहरी तथा ऑल इंडिया रैंक-10 भविष्य जैन भी मौजूद रहे। पैरा खिलाड़ियों की उपलब्धियों ने यह संदेश दिया कि अवसर और हौसला मिले तो दिव्यांगजन भी देश और समाज का नाम रोशन कर सकते हैं।
सहानुभूति नहीं, सम्मान और बराबरी का संदेश
संस्था सार्थक के अध्यक्ष दीपक जैन टीनू ने कहा कि दिव्यांगता किसी व्यक्ति की क्षमता को खत्म नहीं करती। देश के पैरा खिलाड़ी, दिव्यांग उद्यमी और विभिन्न क्षेत्रों में काम कर रहे दिव्यांगजन लगातार अपनी प्रतिभा साबित कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि तिरंगा यात्रा का उद्देश्य दिव्यांगजनों के प्रति केवल सहानुभूति जताना नहीं, बल्कि उन्हें सम्मान, समान अवसर और समान भागीदारी देने का संदेश समाज तक पहुंचाना है।
गांधी हॉल पर राष्ट्रगान के साथ समापन
कोठारी मार्केट पार्किंग से शुरू हुई तिरंगा यात्रा गांधी हॉल पहुंची। यहां राष्ट्रगान के साथ यात्रा का समापन हुआ। हाथों में तिरंगा लिए दिव्यांगजनों के चेहरों पर देश के प्रति गर्व साफ नजर आया।
इस यात्रा ने समाज को यह संदेश दिया कि देशभक्ति किसी शारीरिक क्षमता की मोहताज नहीं है। व्हीलचेयर के पहियों पर आगे बढ़ते दिव्यांगजनों ने अपने जज्बे से साबित किया कि कदमों का साथ जरूरी नहीं, देश के लिए दिल में जज्बा होना जरूरी है।