चित्तौड़गढ़। जिला विशेष टीम (डीएसटी) चित्तौड़गढ़ एवं थाना बस्सी पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए सोशल मीडिया पर पाकिस्तानी गैंगस्टरों को फॉलो करने एवं उनकी रील लाइक करने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने युवक का मोबाइल फोन भी जब्त किया है। मामले की साइबर एवं विशेष सतर्कता टीम द्वारा जांच की जा रही है।
जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत सोशल मीडिया एवं साइबर गतिविधियों की निगरानी की जा रही है। इसी क्रम में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक गजेंद्र सिंह जोधा, वृत्ताधिकारी दिनेश सुखवाल एवं बस्सी थानाधिकारी प्रेम सिंह जादौन के निर्देशन में एएसआई सूरज कुमार के नेतृत्व में टीम गठित की गई।
टीम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपराधियों एवं गैंगस्टरों को फॉलो करने वाले संदिग्ध अकाउंट्स की निगरानी कर रही थी। इसी दौरान इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर बलदरखा, थाना बस्सी निवासी जगदीश मीणा पिता मनोहर मीणा को पूछताछ के लिए डिटेन किया गया।
पुलिस के अनुसार, युवक के मोबाइल की जांच में पाकिस्तानी गैंगस्टर बताए जा रहे शहजाद भट्टी, अजमल गुर्जर एवं जफर सुपारी से संबंधित इंस्टाग्राम अकाउंट फॉलो करने तथा उनकी सोशल मीडिया रील्स को लाइक करने की जानकारी सामने आई। इसके बाद युवक को आवश्यक पूछताछ के पश्चात गिरफ्तार कर मोबाइल फोन जब्त किया गया। मामले में विशेष सतर्कता एवं साइबर टीम द्वारा आगे की जांच की जा रही है।
पूर्व में भी एक युवक गिरफ्तार-
पुलिस के अनुसार, इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर पूर्व में भी पाकिस्तानी गैंगस्टरों को सोशल मीडिया पर फॉलो एवं उनकी रील लाइक करने के मामले में किरण सिंह चौहान पिता भगवत सिंह चौहान निवासी दौलतपुरा, थाना पारसोली को डीएसटी चित्तौड़गढ़ द्वारा गिरफ्तार किया गया था। उक्त मामले की भी जांच जारी है।
पुलिस टीम रही मौजूद-
कार्रवाई में जिला विशेष टीम प्रभारी एएसआई सूरज कुमार, कांस्टेबल अरविंद, कृष्णकांत, अशोक, जगदीश, रामकेश, देवेंद्र, वीरेंद्र एवं सुरेश सुंडा शामिल रहे। थाना बस्सी की टीम में थानाधिकारी प्रेम सिंह जादौन, एएसआई हंसराज, कांस्टेबल नंदकिशोर एवं मटुल कुमार तथा साइबर सेल से पुलिस निरीक्षक सुमन कुमार, एएसआई राजकुमार, कांस्टेबल रामनरेश एवं रामनिवास शामिल रहे।
पुलिस की आमजन से अपील-
जिला पुलिस ने आमजन एवं युवाओं से अपील की है कि वे किसी भी गैंगस्टर अथवा अपराधी को सोशल मीडिया पर फॉलो या लाइक न करें और न ही उनकी गतिविधियों को बढ़ावा दें। पुलिस ने कहा कि आपत्तिजनक या संदिग्ध सोशल मीडिया गतिविधियों के मामलों में नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।