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August 14, 2026, 4:02 pm
KHABAR : आईएएस नेहा के खिलाफ सड़क पर अधिकारी, पेन डाउन रखा, बोले- गालियां दीं, इंक्रीमेंट रोकी, सस्पेंड करने धमकाया, आदिवासी महिलाओं के 30 करोड़ रोके, पढे़ खबर

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जनजातीय क्षेत्रीय विकास परियोजना (TADP) की संचालक IAS नेहा मराव्या के खिलाफ शुक्रवार को अधिकारी-कर्मचारी सड़क पर उतर आए और नारेबाजी की। नेहा मराव्या पर बदसलूकी, इंक्रीमेंट रोकने, बार-बार नोटिस देने और सस्पेंड करने की धमकी देने का आरोप लगाया। विरोध में पेन डाउन कर काम बंद रखा।


अपर आयुक्त संजय वार्ष्णेय ने बताया- गुरुवार को 2017 से संचालित एक योजना को लेकर बैठक हुई थी। बैठक में दूसरे विभागों के अधिकारी भी मौजूद थे। इस दौरान अपर संचालक स्तर की 2 महिला अधिकारियों को डांटकर मीटिंग रूम से बाहर भगा दिया गया था।


आंदोलन में शामिल अपर संचालक ने आरोप लगाया कि आहार अनुदान योजना के तहत बैगा, सहरिया और भारिया समुदाय की करीब 2.40 लाख महिलाओं को हर महीने 1,500 रुपए दिए जाते हैं। अगस्त की करीब 30 करोड़ रुपए की राशि अब तक उनके खातों में नहीं पहुंची है।


3 घंटे में मांगी जाती है पुरानी जानकारी
अधिकारियों ने बताया- प्रदेश में करीब 450 काम चल रहे हैं। इन कामों की माप पुस्तिका जैसी जानकारियां संबंधित एजेंसी के पास होती हैं। इसके बावजूद अधिकारियों से इन्हें कम समय में उपलब्ध कराने को कहा जाता है। स्टाफ की कमी के बावजूद 3 घंटे के अंदर जानकारी मांगी जाती है।


40-50 साल पुराने रिकॉर्ड मांगने का आरोप
कर्मचारियों का आरोप है कि योजनाओं की शुरुआत से संबंधित 40-50 साल पुराने रिकॉर्ड भी तत्काल उपलब्ध कराने को कहा जाता है। अगर कोई योजना 1974 में शुरू हुई है तो उसके शुरुआती वर्षों का रिकॉर्ड भी तत्काल मांगा जाता है।


उनका कहना है कि- इतने पुराने दस्तावेज जुटाने में स्वाभाविक रूप से समय लगता है। जानकारी समय पर उपलब्ध नहीं कराने पर नोटशीट में प्रतिकूल टिप्पणी की जाती है। फटकार का सामना करना पड़ता है।
 

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