उज्जैन। सावन महीने में भगवान महाकाल की चार सवारी निकलने के बाद सोमवार को भादौ की पहली सवारी निकली। खास बात यह है कि 15 अगस्त स्वतंत्रता दिवस से 4 दिन पहले निकली ये सवारी देशभक्ति के रंग में दिखी।
भगवान महाकाल की पालकी के मंदिर से निकलने के दौरान सशस्त्र बल की टुकड़ी ने भगवान महाकाल को सलामी दी। इस दौरान सलामी देने वाले जवानों की बंदूक पर तिरंगा लगा था। तिरंगे के साथ भगवान महाकाल को सलामी दी गई।
इसके साथ ही पालकी के आगे आगे चल रहा पुलिस का घुड़सवार दल भी हाथों में तिरंगा लेते हुए चला। सवारी में शामिल कई भजन मंडलियां भी तिरंगा लेकर चल रही थी। उज्जैन कलेक्टर रोशन सिंह ने बताया की इस बार सवारी में घर-घर तिरंगा का भी संदेश दिया गया।
भगवान महाकाल ने 5 स्वरूपों में दिए दर्शन
महाकाल मंदिर में भगवान चंद्रमौलेश्वर का पूजन के बाद महाकाल मंदिर से पांचवीं सवारी (सावन की 4 सवारी मिलाकर) प्रारंभ हुई।
सवारी में भगवान महाकाल ने 5 स्वरूपों में भक्तों को दर्शन दिए। पालकी में श्री चंद्रमौलेश्वर, गजराज पर श्री मनमहेश, गरुड़ रथ पर श्री शिवतांडव, नंदी रथ पर श्री उमा-महेश और डोल रथ पर श्री होल्कर स्टेट के मुखारविंद शामिल रहे। सवारी में चार जनजातीय एवं लोक नृत्य कलाकारों के दल ने प्रस्तुति भी दी। इस साल की अंतिम और राजसी सवारी 18 अगस्त को निकलेगी।
जनजातीय नृत्य की प्रस्तुति
इस बार सवारी में पालकी भजन मंडली के अलावा चार जनजातीय कलाकारों के दल ने भी प्रस्तुति दी। बैतूल से गौंड जनजातीय ठाट्या नृत्य, खजुराहो से कछियाई लोक नृत्य, दमोह से बधाई लोक नृत्य और डिंडोरी के गेड़ी जनजातीय नृत्य की प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहे।