हरदा। गोंदागांव सहकारी समिति के गोदाम में सोमवार शाम को किसानों ने हंगामा किया। गोदाम में 2 हजार 300 बोरी डीएपी खाद रखी मिली। ये खाद फरवरी से गोदाम में पड़ी थी, लेकिन किसानों को वितरित नहीं की गई।
किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मोहन विश्नोई ने अधिकारियों पर कालाबाजारी का आरोप लगाया। उन्होंने बताया कि पवन पुत्र ट्रांसपोर्ट के जरिए 12 फरवरी को ये खाद गोंदागांव कलां भेजी गई थी। किसान रोजाना लाइन में लगकर खाद के लिए परेशान हो रहे हैं।
समिति प्रबंधक और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग
मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान अहलवाड़ा गांव के किसान महेंद्र सिंह जाट उर्फ जीवन गोदारा ने आवेदन देकर गोंदागांव कला सोसायटी के प्रबंधक, प्रशासक और सभी कर्मचारियों को हटाने की मांग की। उन्होंने छह महीने से रखी डीएपी खाद के वितरण न करने के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की है। किसान ने चेतावनी दी है कि अगर 20 अगस्त तक निष्पक्ष जांच नहीं होती है, तो वे 21 अगस्त से भूख हड़ताल पर बैठ जाएंगे।
किसानों की शिकायत की के बाद ट्रक से बोरियां उतरवाई गईं
किसान आक्रोश मोर्चा के रामजीवन बाष्ट के अनुसार, मामला उजागर होने के बाद समिति प्रबंधक और इफको के अधिकारी लीपापोती में जुट गए। अधिकारी ट्रक यूपी 78 सीएन 5831 में डीएपी को अन्यत्र भेजने की तैयारी कर रहे थे। किसानों ने कलेक्टर सिद्धार्थ जैन से शिकायत की। इसके बाद ट्रक से बोरियां उतरवाई गईं।
किसानों को वितरित की जाएगी खाद
डीडीए जेएल कास्दे ने कहा कि मामले की जांच की जाएगी। अब यह खाद किसानों को वितरित की जाएगी। मंगलवार से वितरण शुरू होगा। साथ ही लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी।
समिति सेवक पर है 14 प्रकरण दर्ज
किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष मोहन विश्नोई ने कहा कि जहां कुछ लोगों पर एक दो मामले होने के बाद प्रशासन के द्वारा जिला बदर की कार्रवाई कर दी जाती है। लेकिन गोंदागांव सोसायटी के समिति सेवक पर 14 मामले दर्ज होने के बाद भी प्रशासन और सम्बंधित विभाग ने अब तक कोई कार्यवाही नही की है।जिसमें इफको कम्पनी के मैनेजर की मिलीभगत से किसानों को बांटने के लिए आए खाद को स्टाक करके रखा हुआ है।