मंदसौर। मध्यप्रदेश शासन पर्यावरण विभाग मंत्रालय, भोपाल द्वारा धारा 19(5) के तहत गेहूं/धान फसल अवशेषों को खेतों में जलाने पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके उल्लंघन पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशानुसार पर्यावरण मुआवजा एवं अर्थदंड का प्रावधान है।
इसी क्रम में अनुविभागीय अधिकारी द्वारा सीतामऊ क्षेत्र के 16 किसानों से नरवाई/पराली जलाने पर कुल 42,500 रुपये का अर्थदंड वसूला गया।
जिन किसानों पर कार्रवाई की गई उनमें ग्राम कायमपुर के जगदीश एवं घनश्याम, ग्राम ढंढेडा के अनुपसिंह, ग्राम रामखेड़ा के प्रहलाद एवं शांतिलाल, ग्राम साखतली के अम्बालाल, ग्राम खजूरीगौड़ के विजयसिंह, ग्राम कराड़िया के पुष्कर, विष्णु एवं भवानीसिंह, ग्राम धाकड़ पिपलिया की भगवंतीबाई, ग्राम खेड़ी के खुमानसिंह एवं सोभागसिंह, ग्राम अरनियागोड़ के विक्रमसिंह, ग्राम लखुपिपलिया के अमरसिंह तथा ग्राम मुण्डला की कृष्णाबाई शामिल हैं।
इनमें से अधिकांश किसानों पर 2,500-2,500 रुपये तथा ग्राम साखतली के अम्बालाल पर 5,000 रुपये का अर्थदंड लगाया गया।
प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे फसल अवशेषों को जलाने के बजाय वैकल्पिक उपाय अपनाकर पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करें।