चित्तौड़गढ़। सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़ के शंकर मेनन सभागार में गुरुवार को एक गरिमामय समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर स्कूल के प्राचार्य कर्नल अनिल देव सिंह जसरोटिया एवं प्रशासनिक अधिकारी मेजर सी. श्रीकुमार के निर्देशन में स्कूल एवं विभिन्न हाउस वाइस कैप्टेन्स को रैंक प्रदान की गई।
समारोह के मुख्य अतिथि कर्नल अनिल देव सिंह जसरोटिया थे। प्रशासनिक अधिकारी मेजर सी. श्रीकुमार एवं सीनियर मास्टर ओंकार सिंह ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया।
स्कूल जनसंपर्क अधिकारी बाबूलाल शिवरान ने बताया कि स्कूल वाइस कैप्टेन के रूप में कैडेट करन जोहरर, अकादमिक वाइस कैप्टेन के रूप में कैडेट रितिका मीना, स्पोर्ट्स वाइस कैप्टेन के रूप में कैडेट युवराज मावलिया तथा मेस वाइस कैप्टेन के रूप में कैडेट अंश बिलवाल को मुख्य अतिथि एवं प्रशासनिक अधिकारी द्वारा रैंक प्रदान की गई।
विभिन्न हाउस के वाइस कैप्टेन्स को भी संबंधित हाउस मास्टर्स द्वारा रैंक प्रदान की गई, जिनमें लव हाउस, कुश हाउस, प्रताप हाउस, जयमल हाउस, बादल हाउस, हमीर हाउस, कुम्भा हाउस, सांगा हाउस एवं पद्मिनी हाउस के कैडेट शामिल रहे। इसके पश्चात अध्यापक अमित कुमार झा ने सभी कैप्टेन्स को कर्तव्य निर्वहन की शपथ दिलाई।
मुख्य अतिथि ने सभी नव-निर्वाचित कैप्टेन्स को बधाई देते हुए कहा कि उनके पास अपने साथी कैडेट्स का मार्गदर्शन करने तथा विद्यालय का गौरव बढ़ाने का महत्वपूर्ण अवसर है। उन्होंने कहा कि बैज शक्ति का नहीं, बल्कि ईमानदारी, अनुशासन एवं सेवा का प्रतीक होना चाहिए।
सैनिक स्कूल चित्तौड़गढ़ में मेधावी कैडेट्स को अकादमिक उत्कृष्टता टॉर्चेस से सम्मानित-
इसी अवसर पर शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के लिए आयोजित एक अन्य समारोह में मेधावी कैडेट्स को अकादमिक उत्कृष्टता टॉर्चेस प्रदान किए गए। इस अवसर पर प्राचार्य कर्नल अनिल देव सिंह जसरोटिया एवं प्रशासनिक अधिकारी मेजर सी. श्रीकुमार ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले कैडेट्स को सम्मानित किया।
जनसंपर्क अधिकारी बाबूलाल शिवरान ने बताया कि आराध्या यादव, सुरभि मेरोठा, पटेल काव्य, अतुल्या जायसवाल, असावरी, वर्णिका पाल, आयुष चौहान, अविनाश कुमार पटेल, नेहा, युवराज सिंह बघेल एवं देवेश आर्य को उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक प्रदर्शन के लिए टॉर्चेस प्रदान किए गए।
मुख्य अतिथि ने सभी कैडेट्स की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उन्हें भविष्य में भी निरंतर उत्कृष्ट प्रदर्शन हेतु प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता, बल्कि निरंतर प्रयास, अनुशासन एवं सकारात्मक सोच ही सफलता की कुंजी है।