चित्तौड़गढ़। चित्तौड़गढ़ सांसद एवं भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सी.पी. जोशी के प्रयासों से कोटा (गुड़ला)-चित्तौड़गढ़ रेलखंड के दोहरीकरण हेतु फाइनल लोकेशन सर्वे को रेलवे मंत्रालय से स्वीकृति मिल गई है।
सांसद जोशी द्वारा उदयपुर-चंदेरिया-कोटा रेलमार्ग के दोहरीकरण की आवश्यकता को लेकर समय-समय पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को अवगत कराया गया था। इस पर सकारात्मक पहल करते हुए रेल मंत्रालय ने फाइनल लोकेशन सर्वे को मंजूरी प्रदान की है।
सांसद जोशी ने इस निर्णय के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एवं रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह कदम क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित होगा।
उन्होंने बताया कि इस मार्ग पर बढ़ते यात्री एवं माल परिवहन के दबाव को देखते हुए दोहरीकरण अत्यंत आवश्यक था। इस परियोजना के पूर्ण होने से उद्योग, खनन, कृषि एवं व्यापार को बड़ा लाभ मिलेगा तथा माल परिवहन सुगम होगा। साथ ही भविष्य में नई यात्री ट्रेनों के संचालन की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
सांसद ने बताया कि वर्तमान में चित्तौड़गढ़ जंक्शन दक्षिण में रतलाम तक दोहरीकरण से जुड़ चुका है, उत्तर में अजमेर तक कार्य प्रगति पर है तथा पूर्व में कोटा से जुड़ने पर क्षेत्र के विकास को नई गति मिलेगी।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार रेलवे के आधुनिकीकरण एवं विस्तार पर विशेष ध्यान दे रही है, जिसके तहत चित्तौड़गढ़ क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण परियोजनाएं संचालित हैं। इनमें चित्तौड़गढ़-नीमच रेलमार्ग का दोहरीकरण एवं विद्युतीकरण कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि नीमच-रतलाम एवं अजमेर-चंदेरिया रेलखंडों पर कार्य प्रगति पर है।
सांसद जोशी ने विश्वास जताया कि इन परियोजनाओं के पूर्ण होने से क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी और यात्री व माल परिवहन अधिक सुगम बनेगा।