इंदौर। देवी अहिल्याबाई होलकर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर प्रबंधन की बड़ी लापरवाही सामने आई है। यह मामला रनवे से जुड़ा है, जहां केबलिंग कार्य के लिए रनवे के पास गड्ढा खोदा गया है। हैरानी की बात यह है कि आम सड़कों की तरह इस गड्ढे को न तो तुरंत भरा गया और न ही आसपास कोई सुरक्षा इंतजाम किए गए हैं।
इस लापरवाही के चलते एयरपोर्ट पर कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। हालांकि, एयरपोर्ट प्रबंधन का कहना है कि यह लापरवाही नहीं, बल्कि काम का हिस्सा है और गड्ढा रनवे से कुछ मीटर दूरी पर है।
सूत्रों के अनुसार, टर्मिनल के सामने रनवे के पास केबलिंग और डक्टिंग कार्य के लिए कुछ समय पहले यह गड्ढा किया गया था। नियमों के मुताबिक रनवे के आसपास खोदे गए गड्ढों को तुरंत भरना जरूरी होता है, लेकिन यहां कई दिनों से इसे खुला छोड़ दिया गया है।
इसके अलावा, यदि किसी क्षेत्र में निर्माण कार्य चल रहा हो या गड्ढा खुला हो, तो वहां संकेतक और सुरक्षा इंतजाम करना अनिवार्य होता है। लेकिन यहां इन नियमों का पालन नहीं किया गया और गड्ढा बिना किसी चेतावनी के खुला पड़ा है।
एयरपोर्ट के पीआरओ रामस्वरूप यादव ने बताया कि ऑपरेशनल एरिया में रोजाना काम चलता रहता है। फिलहाल केबलिंग कार्य के चलते गड्ढा खोदा गया है, जिसे काम पूरा होने के बाद ही भरा जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि गड्ढा रनवे से कुछ मीटर दूर है। वहीं, संकेतक और लाइटिंग नहीं लगाने के सवाल पर उन्होंने इसे लापरवाही मानने से इनकार करते हुए इसे काम का हिस्सा बताया।
हादसा न हो इसके लिए रनवे के पास समतल जमीन जरूरी
एविएशन एक्सपर्ट्स के मुताबिक, डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (क्ळब्।) की सुरक्षा गाइडलाइन के अनुसार रनवे के आसपास का पूरा क्षेत्र समतल होना अनिवार्य है। इसका उद्देश्य यह है कि यदि किसी कारण से विमान असंतुलित होकर रनवे से बाहर निकलता है, तो समतल सतह होने पर बड़े हादसे की आशंका कम हो जाती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि रनवे के पास गड्ढा मौजूद हो, तो दुर्घटना का खतरा काफी बढ़ जाता है। ऐसे में यदि किसी कारण से खुदाई या निर्माण कार्य किया भी जाता है, तो नियमानुसार गड्ढों को तुरंत भरना जरूरी होता है।
यदि कंक्रीट का काम क्योरिंग पीरियड में हो, तब भी अस्थायी रूप से रेत की बोरियों के जरिए गड्ढे को बंद करना अनिवार्य है।
संकेतक, झंडे और लाइट्स लगाना अनिवार्य
एविएशन एक्सपर्ट्स के अनुसार सुरक्षा नियमावली में स्पष्ट रूप से उल्लेख है कि रनवे के आसपास यदि किसी निर्माण कार्य के तहत गड्ढा खोदा जाता है, तो उसके आसपास संकेतक और झंडे लगाना अनिवार्य होता है। इसके साथ ही रात के समय प्रभावित क्षेत्र में पर्याप्त लाइटिंग की व्यवस्था भी जरूरी है।
इसका उद्देश्य यह है कि विमान के पायलट को पहले से जानकारी मिल सके कि संबंधित क्षेत्र निर्माणाधीन है, ताकि किसी भी विपरीत स्थिति में वे सही निर्णय ले सकें।
हालांकि, यहां करीब एक महीने से चल रहे इस कार्य के दौरान सुरक्षा के ये बुनियादी इंतजाम भी नहीं किए गए। स्थिति यह है कि मौके पर कोई संकेतक तक नहीं लगाया गया, जिससे किसी भी समय हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।