मंदसौर। जिले के मल्हारगढ़ क्षेत्र में फसल अवशेष (नरवाई/पराली) जलाने के मामलों में प्रशासन ने सख्त रुख अपनाते हुए चार किसानों पर कुल 15 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया है। यह कार्रवाई मध्यप्रदेश शासन के पर्यावरण विभाग के नियमों तथा नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के निर्देशों के तहत की गई।
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार खेतों में गेहूं अथवा धान के अवशेष जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है, मिट्टी की उर्वरता प्रभावित होती है और पर्यावरण को नुकसान पहुंचता है। इसी को देखते हुए ऐसे मामलों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।
अनुविभागीय अधिकारी द्वारा की गई कार्रवाई में ग्राम बरखेड़ा वीरपुरिया निवासी भंवरसिंह पर 5 हजार रुपए, ग्राम बादपुर निवासी मुलचंद पर 5 हजार रुपए, ग्राम देवरी निवासी देवीलाल पर 2,500 रुपए तथा ग्राम देवरी निवासी शालीबाई पर 2,500 रुपए का जुर्माना लगाया गया। इस प्रकार कुल 15 हजार रुपए की राशि वसूल की गई।
प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे फसल अवशेष जलाने के बजाय वैकल्पिक उपाय अपनाएं। नरवाई को खेत में मिलाने, मशीनों के माध्यम से प्रबंधन करने अथवा जैविक खाद के रूप में उपयोग करने से भूमि की उर्वरता बनी रहती है और पर्यावरण भी सुरक्षित रहता है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि नरवाई जलाने की घटनाओं पर आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और नियमों का उल्लंघन करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।