नीमच। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी हिमांशु चंद्रा द्वारा फसल अवशेष/नरवाई जलाने से पर्यावरण, जन स्वास्थ्य एवं जीव जन्तुओं को होने वाली हानि को दृष्टिगत रखते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत नीमच जिले में फसल अवशेष/नरवाई जलाना प्रतिबंधित किया गया है। आदेश के उल्लंघन पर जिले में दण्डात्मक कार्रवाई लगातार जारी है।
उपसंचालक कृषि दिनेश मंडलोई ने उक्त जानकारी देते हुए बताया कि नीमच जिले मेंसैटेलाइट डेटा के आधार पर 17 प्रकरणों में 72 हजार 500 रुपये का जुर्माना वसूला गया है। इनमें सर्वाधिक 9 प्रकरण जावद में, मनासा में 04 और नीमच में 04 मामलों में प्रकरण दर्ज कर जुर्माना अधिरोपित किया गया है।
कुल घटनाएं एवं प्रगति- जिले में नरवाई जलाने की 58 घटनाओं में से 44 में पंचनामे तैयार कर राजस्व विभाग को अर्थदण्ड वसूली हेतु प्रेषित किए जा चुके हैं। शेष प्रकरणों में भी पंचनामा/जुर्माना वसूली की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है।
जुर्माने का प्रावधान- 2 एकड़ तक की भूमि पर- 2500/- रु. प्रति घटना,2 से 5 एकड़ तक की भूमि पररू 5000/- रु. प्रति घटना, 5 एकड़ से अधिक भूमि पर- 15,000/- रु. प्रति घटना
कलेक्टर की अपील- कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने किसान भाईयों से अपील की है कि फसल नरवाई एक धरोहर है। इससे जैविक खाद बनाएं। नरवाई जलाने से हम अपनी धरोहर को जलाकर भूमि को बंजर बनाने का कार्य कर रहे हैं। इसलिए फसल नरवाई नहीं जलाएं।
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नरवाई जलाने की घटनाओं पर सैटेलाइट एवं मैदानी अमले से सतत निगरानी रखी जा रही है। उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।