नीमच। जिला स्तरीय लघु उद्योग संवर्धन बोर्ड एवं जिला स्तरीय निर्यात प्रोत्साहन समिति की बैठक बुधवार को जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) अमन वैष्णव (आईएएस) की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में जिले के औद्योगिक विकास, निवेश प्रोत्साहन तथा रोजगार सृजन को लेकर विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की गई।
हर्बल प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करने का आह्वान-
सीईओ अमन वैष्णव ने कहा कि नीमच जिले की कृषि उपज मंडी हर्बल औषधियों एवं अन्य कृषि उत्पादों के मामले में प्रदेश की सबसे बड़ी मंडियों में शामिल है। अधिकांश उत्पादों का बिना प्रसंस्करण सीधे देश-विदेश में विक्रय होने से स्थानीय व्यापारियों एवं उत्पादकों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पाता। उन्होंने उद्यमियों से हर्बल एवं औषधीय उत्पादों की प्रसंस्करण इकाइयां स्थापित करने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि निवेशकों को एमएसएमई प्रोत्साहन योजना सहित विभिन्न शासकीय योजनाओं के माध्यम से हैंडहोल्डिंग सपोर्ट, तकनीकी मार्गदर्शन एवं वित्तीय प्रोत्साहन उपलब्ध कराया जा रहा है।
चीताखेड़ा और सगराना में विकसित होंगे औद्योगिक क्षेत्र-
बैठक में जानकारी दी गई कि एमपीआईडीसी द्वारा ग्राम चीताखेड़ा (जीरन) में नवीन औद्योगिक क्षेत्र के अधोसंरचना विकास का कार्य प्रगतिरत है। वहीं ग्राम सगराना (तहसील नीमच) में नए औद्योगिक क्षेत्र को स्वीकृति मिल चुकी है। इन दोनों औद्योगिक क्षेत्रों के विकसित होने पर लगभग 400 औद्योगिक भूखंड उपलब्ध होंगे, जिससे जिले में नए उद्योग स्थापित होंगे और बड़ी संख्या में युवाओं को रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे।
योजनाओं की दी विस्तृत जानकारी-
महाप्रबंधक उद्योग विभाग ने बैठक में एमएसएमई इकाइयों के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं, औद्योगिक भूमि आवंटन प्रक्रिया तथा मध्यप्रदेश औद्योगिक विकास निगम द्वारा प्रदान की जा रही सुविधाओं की जानकारी दी। साथ ही प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना (पीएमएफएमई) के तहत खाद्य प्रसंस्करण इकाइयों को दिए जा रहे प्रोत्साहन पर भी प्रकाश डाला गया।
उद्यमियों की समस्याओं के समाधान का आश्वासन-
सीईओ वैष्णव ने उद्यमियों की समस्याएं सुनते हुए उनके निराकरण का आश्वासन दिया तथा संबंधित विभागों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। बैठक में महाप्रबंधक उद्योग विभाग योगिता भटनागर, अमित सोनी, एमपीआईडीसी के अधिकारी, मंडी सचिव, श्रम विभाग, एलडीएम, एमपीआरडीसी, विद्युत विभाग, नगर पालिका, टीएनसीपी, आईटीआई एवं लोक निर्माण विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे। इसके अलावा उद्योग संघ नीमच, लघु उद्योग भारती, उद्योग संघ झांझरवाड़ा, उद्योग संघ मोरका, औद्योगिक क्षेत्र मनासा के प्रतिनिधि तथा मंडी व्यापारी संघ के पदाधिकारी एवं उद्यमी भी मौजूद रहे।