मंदसौर। जिला सहकारिता उप आयुक्त ने बताया कि मंदसौर जिले में वर्षों से निष्क्रिय एवं परिसमापन की स्थिति में चल रही सहकारी समितियों के विरुद्ध पहली बार बड़े स्तर पर कार्रवाई की जा रही है। ऐसी सभी समितियों के पंजीयन निरस्त कर सहकारिता पटल से उनका अस्तित्व समाप्त किया जाएगा।
उपायुक्त सहकारिता के अनुसार जिले की अनेक दुग्ध उत्पादक, साख, बीज उत्पादक, मत्स्य, श्रमिक, महिला बुनकर, पर्यटन विकास एवं अन्य प्रकार की सहकारी समितियां लंबे समय से बंद पड़ी हैं और परिसमापन की प्रक्रिया में हैं। इन समितियों के पंजीयन निरस्त करने की कार्रवाई प्रारंभ कर दी गई है।
अधिकारियों ने बताया कि संबंधित समितियों के पदाधिकारियों, सदस्यों एवं हितधारकों को सूचित किया जाता है कि यदि उन्हें प्रस्तावित कार्रवाई के संबंध में कोई आपत्ति या पक्ष प्रस्तुत करना हो तो वे एक सप्ताह के भीतर कार्यालयीन समय में उपायुक्त सहकारिता कार्यालय, मित्र वत्सला, रामटेकरी, मंदसौर में उपस्थित होकर अपना पक्ष रख सकते हैं।
उपायुक्त सहकारिता ने बताया कि सभी निष्क्रिय संस्थाओं के पंजीयन निरस्तीकरण की प्रक्रिया जून 2026 के भीतर पूर्ण करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए युद्धस्तर पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि इस पहल का उद्देश्य सहकारिता क्षेत्र में पारदर्शिता लाना, निष्क्रिय संस्थाओं का रिकॉर्ड अद्यतन करना तथा सक्रिय एवं कार्यशील समितियों को प्रोत्साहित करना है।