मंदसौर। मध्यप्रदेश संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के आह्वान पर प्रदेशभर में चल रही संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल गुरुवार को भी जारी रही। हड़ताल के कारण जिले सहित प्रदेश के कई हिस्सों में स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हुईं, जिससे आमजन को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
संविदा स्वास्थ्य कर्मचारियों के आंदोलन को देखते हुए राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) द्वारा हड़ताली कर्मचारियों को काम पर लौटने के निर्देश जारी किए गए हैं। बताया गया है कि कर्मचारियों को एक दिन के भीतर कार्य पर वापस लौटने के लिए कहा गया है, अन्यथा सेवा समाप्ति जैसी कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
संविदा स्वास्थ्य कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष डॉ. शुभम सिलावट ने बताया कि वर्ष 2023 में तत्कालीन मुख्यमंत्री द्वारा संविदा कर्मचारियों के लिए कई घोषणाएं की गई थीं, जिनमें नियमितीकरण, एनपीएस, स्वास्थ्य बीमा सहित अन्य सुविधाएं शामिल थीं। कर्मचारियों का आरोप है कि अब तक इन घोषणाओं का पूर्ण क्रियान्वयन नहीं हुआ है। इसके अलावा उनकी अन्य मांगों पर भी लंबे समय से कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी है।
स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ा असर-
हड़ताल के चलते टीकाकरण, गर्भवती महिलाओं की जांच, राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों की रिपोर्टिंग, आयुष्मान एवं संजीवनी क्लीनिकों की सेवाएं प्रभावित हुई हैं। कई स्थानों पर मरीजों को दवाएं नहीं मिल सकीं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में लोग उपचार के लिए भटकते नजर आए। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं पर भी इसका असर देखा गया।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें-
संविदा कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री की घोषणा के अनुरूप नियमितीकरण, सामान्य प्रशासन विभाग की संविदा नीति-2023 के तहत एनपीएस एवं स्वास्थ्य बीमा का लाभ, वार्षिक वेतन वृद्धि, महंगाई भत्ता, समकक्षता विसंगति का निराकरण, नियमित कर्मचारियों की तरह अवकाश एवं समान कार्य के लिए समान वेतन और सुविधाओं की मांग की है। संघ का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहेगी।