खरगोन। भ्रष्टाचार के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत इंदौर लोकायुक्त की टीम ने शुक्रवार को एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। टीम ने जनपद पंचायत महेश्वर में पदस्थ संविदा उपयंत्री (सब इंजीनियर) मनोज सावले को 4,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों दबोचा। आरोपी उपयंत्री ग्राम पंचायत में कराए गए विकास कार्यों के मूल्यांकन और कार्यपूर्ण प्रमाण पत्र जारी करने के एवज में रिश्वत की मांग कर रहा था। लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 7 के तहत मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
विकास कार्यों के मूल्यांकन के एवज में मांगी थी रिश्वत
शिकायतकर्ता मगन सिंह मकवाने, जो ग्राम पंचायत बडवेल के सचिव हैं और उनके पास ग्राम पंचायत कांकरिया का अतिरिक्त प्रभार भी है, ने बताया कि कांकरिया पंचायत के अंतर्गत कूप जाली और नाली निर्माण (सीसी) का कार्य कराया गया था। इस कार्य का मूल्यांकन करने और कार्यपूर्ण प्रमाण पत्र जारी करने के एवज में जनपद पंचायत महेश्वर में पदस्थ उपयंत्री मनोज सावले द्वारा कुल 9,000 रुपये की रिश्वत मांगी जा रही थी। पीड़ित सचिव के अनुसार, उपयंत्री हर छोटे-बड़े काम के लिए लगातार राशि की मांग कर परेशान कर रहा था, जिससे तंग आकर उन्होंने इसकी शिकायत लोकायुक्त से की।
पहली किस्त ली थी ऑनलाइन, दूसरी लेते हुए धराया
शातिर उपयंत्री ने शिकायतकर्ता पर दबाव बनाकर पूर्व में ही 14 मई 2026 को 4,000 रुपये की राशि ऑनलाइन माध्यम (यूपीआई/फोनपे) से अपने निजी खाते में ट्रांसफर करवा ली थी। इसके बाद भी वह लगातार शेष राशि के लिए दबाव बना रहा था। सचिव मगन सिंह ने इसकी लिखित शिकायत लोकायुक्त पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय से की। लोकायुक्त टीम ने शिकायत का गोपनीय सत्यापन कराया, जिसमें मामला सही पाए जाने पर शुक्रवार को जाल बिछाया गया।
टेबल की दराज में रखवाई रकम, लोकायुक्त ने घेराबंदी कर पकड़ा
शुक्रवार दोपहर को जैसे ही सचिव मगन सिंह मकवाने रिश्वत की दूसरी किस्त के 4,000 रुपये लेकर जनपद पंचायत स्थित उपयंत्री के कार्यालयीन कक्ष में पहुंचे, आरोपी उपयंत्री ने चालाकी दिखाते हुए रिश्वत के पैसे सीधे हाथ में न लेते हुए उसे अपनी टेबल की दराज (ड्रॉवर) में रखने को कहा। सचिव द्वारा पैसे दराज में रखते ही बाहर मुस्तैद लोकायुक्त की ट्रैप दल ने दबिश दे दी। टीम ने उपयंत्री मनोज सावले को मौके पर ही दबोच लिया और दराज से रिश्वत की राशि बरामद की। इस दौरान लोकायुक्त टीम के द्वारा आरोपी के हाथ धुलवाए जाने पर उनके रंग बदल गए।
रेस्ट हाउस में जारी रही कागजी कार्रवाई
जनपद पंचायत कार्यालय में रंगे हाथों पकड़ने के बाद लोकायुक्त की टीम आरोपी उपयंत्री को महेश्वर स्थित विश्राम गृह (रेस्ट हाउस) लेकर पहुंची, जहां लोकायुक्त के अधिकारियों द्वारा आगे की विधिक व कागजी कार्रवाई को पूरा किया गया। इस कार्रवाई को लोकायुक्त महानिदेशक योगेश देशमुख एवं उप पुलिस महानिरीक्षक मनोज कुमार सिंह के निर्देशन में कार्यवाहक निरीक्षक आशुतोष मिठास, कार्यवाहक प्रधान आरक्षक विवेक मिश्रा, आरक्षक विजय कुमार, शैलेंद्र सिंह बघेल, पवन पटोरिया, कमलेश परिहार और मनीष माथुर की टीम ने अंजाम दिया।