नीमच। नगर पालिका परिषद के विशेष सम्मेलन में प्रस्ताव क्रमांक 44 के अनुक्रमांक 94 को लेकर राजनीतिक माहौल गरमा गया। एक ओर भाजपा के पांच पार्षदों ने प्रस्ताव पर वैधानिक आपत्ति दर्ज कराते हुए पीठासीन अधिकारी को लिखित आवेदन सौंपा, वहीं सम्मेलन समाप्त होने के बाद इसी मुद्दे पर कांग्रेस पार्षदों के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
भाजपा पार्षद अरुण प्रजापति, शशिकुमार कल्याणी, गुंजन विष्णु राठौर, योगेश कविश्वर एवं रूपेंद्र लोक्स ने अपने आवेदन में उल्लेख किया कि संबंधित विषय को परिषद ने 30 जुलाई 2025 को संकल्प क्रमांक-82 के तहत मत विभाजन के बाद अस्वीकार कर दिया था। ऐसे में बिना किसी नई वैधानिक परिस्थिति के उसी विषय को पुनः परिषद के समक्ष विचारार्थ लाना नियमों एवं प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने प्रस्ताव पर पुनर्विचार करते हुए वैधानिक प्रक्रिया अपनाने की मांग की। हालांकि सदन में मत विभाजन के बाद यह प्रस्ताव बहुमत से पारित हो गया।
सम्मेलन समाप्त होने के बाद नगर पालिका परिसर में राजनीतिक माहौल और गर्मा गया। प्रस्ताव के समर्थन और विरोध को लेकर कांग्रेस के कुछ पार्षदों के बीच तीखी बहस हो गई। इस दौरान नेता प्रतिपक्ष योगेश प्रजापत, पार्षद प्रतिनिधि इकबाल कुरैशी, शराफत तथा वार्ड पार्षद लप्पो आपा के बीच कहासुनी हुई। कुछ समय तक नगर पालिका परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बनी रही।
नगर पालिका के विशेष सम्मेलन में पारित 44 प्रस्तावों की अपेक्षा प्रस्ताव क्रमांक 44 के अनुक्रमांक 94 और उससे जुड़े राजनीतिक घटनाक्रम की चर्चा अधिक रही।