नीमच। करीब नौ वर्ष पुराने एक प्रकरण में न्यायालय ने महिला के सामने अश्लील हरकत करने वाले आरोपी को दोषी ठहराते हुए एक वर्ष के सश्रम कारावास तथा दो हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायालय ने अर्थदंड की राशि में से एक हजार रुपये पीड़िता को प्रतिकर के रूप में देने के भी आदेश दिए हैं।
प्रकरण की सुनवाई न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी विशाल खाड़े की अदालत में हुई। न्यायालय ने आरोपी विनय पिता वरदीचंद, निवासी नीमच को भारतीय दंड संहिता की धारा 509 के तहत दोषी पाते हुए एक वर्ष के सश्रम कारावास एवं 2,000 के अर्थदंड से दंडित किया।
अभियोजन के अनुसार, 28 जुलाई 2017 की सुबह करीब 10 बजे थाना नीमच कैंट क्षेत्र में पीड़िता अपने घर की बालकनी में कपड़े सुखा रही थी। इसी दौरान आरोपी वहां पहुंचा और उसके सामने कपड़े उतारकर अश्लील हरकत करने लगा। घबराई महिला तुरंत कमरे में चली गई और फोन पर अपने पति को घटना की जानकारी दी। पति के घर पहुंचने के बाद दोनों ने थाना नीमच कैंट में आरोपी के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने विवेचना पूरी कर न्यायालय में आरोप-पत्र प्रस्तुत किया। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने पीड़िता सहित महत्वपूर्ण गवाहों के बयान दर्ज कराए। साक्ष्यों के आधार पर न्यायालय ने आरोपी का अपराध संदेह से परे प्रमाणित मानते हुए उसे दोषसिद्ध कर सजा सुनाई।
प्रकरण में शासन की ओर से एडीपीओ पारस मित्तल ने प्रभावी पैरवी की। न्यायालय ने अर्थदंड की राशि में से 1,000 पीड़िता को प्रतिकर के रूप में प्रदान करने का भी आदेश दिया।