नीमच। समाजसेवी एवं पूर्व पार्षद हारून रशीद कुरैशी ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। जारी बयान में उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार केवल राजनीतिक लाभ वाले मुद्दों को प्राथमिकता दे रही है, जबकि जनभावनाओं से जुड़े विषयों की अनदेखी की जा रही है।
कुरैशी ने कहा कि भाजपा और मुख्यमंत्री यूसीसी लागू करने को लेकर सक्रिय हैं, लेकिन देशभर में गाय को श्राष्ट्रमाताश् घोषित करने की उठ रही मांग पर पूरी तरह मौन हैं। उनका कहना है कि यदि भाजपा स्वयं को भारतीय संस्कृति और आस्था की पक्षधर मानती है, तो उसे इस विषय पर भी स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए।
उन्होंने सवाल उठाया कि क्या भाजपा के लिए जनभावनाओं और धार्मिक आस्था का महत्व केवल चुनावी राजनीति तक ही सीमित है। एक ओर यूसीसी को लेकर जल्दबाजी दिखाई जा रही है, जबकि दूसरी ओर गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा देने की मांग को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।
हारून रशीद कुरैशी ने कहा कि भाजपा हमेशा खुद को संस्कृति और परंपराओं का रक्षक बताती रही है, लेकिन जब उन भावनाओं को सम्मान देने का अवसर आता है, तब सरकार राजनीतिक लाभ-हानि का आकलन करने लगती है।
उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की कि केवल चुनावी मुद्दों पर ध्यान देने के बजाय देश की जनता की भावनाओं का सम्मान करते हुए गाय को श्राष्ट्रमाताश् घोषित करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं। साथ ही उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं किया गया तो जनता भाजपा के कथनी और करनी के अंतर को भली-भांति समझ चुकी है।