नीमच। विश्व पर्यावरण दिवस एवं अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में भारतीय जनता पार्टी किसान मोर्चा तथा किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के संयुक्त तत्वावधान में शुक्रवार को एसडीओ एग्रीकल्चर कार्यालय, नीमच में प्राकृतिक खेती/पीकेवीवाई कार्यशाला सह कृषक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों ने भाग लेकर प्राकृतिक खेती की तकनीकों एवं उसके लाभों की जानकारी प्राप्त की।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि प्राकृतिक खेती वर्तमान समय की आवश्यकता है। इससे खेती की लागत में कमी आती है, मिट्टी की उर्वरता बनी रहती है तथा जल संरक्षण को बढ़ावा मिलता है। साथ ही रासायनिक उर्वरकों एवं कीटनाशकों के दुष्प्रभावों से मुक्ति मिलती है, जिससे किसानों को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण उत्पादन प्राप्त होता है।
वक्ताओं ने किसानों से प्राकृतिक खेती को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि यह पद्धति न केवल किसानों की आय बढ़ाने में सहायक है, बल्कि स्वस्थ समाज, समृद्ध किसान और स्वच्छ पर्यावरण के निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
कार्यक्रम में कृषि विशेषज्ञों ने प्राकृतिक खेती की नवीन तकनीकों, जैविक संसाधनों के उपयोग, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण तथा पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के उपायों पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया। किसानों को प्राकृतिक खेती से जुड़ी विभिन्न योजनाओं एवं लाभों की भी जानकारी दी गई।
इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष वंदना खंडेलवाल, वरिष्ठ भाजपा नेता महेंद्र भटनागर, भाजपा किसान मोर्चा जिला अध्यक्ष राजू नागदा, कृषि स्थायी समिति सभापति मनीष धाकड़, कृषि वैज्ञानिक पी.एस. नरूका, डॉ. एस.एस. सारंग देवोत, दिनेश मंडलोई सहित कृषि विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
कार्यशाला का उद्देश्य किसानों को टिकाऊ, पर्यावरण अनुकूल एवं लाभकारी कृषि पद्धतियों से जोड़ते हुए प्राकृतिक खेती के प्रति जागरूक करना रहा।