नीमच। नीमच के पूर्व विधायक डॉ. सम्पत स्वरूप जाजू ने जिले की यातायात अधोसंरचना को मजबूत बनाने के लिए नीमच-रामगंजमंडी रेल संपर्क को लेकर महत्वपूर्ण सुझाव दिया है। उन्होंने कहा कि यदि प्रस्तावित नीमच-कोटा रेल परियोजना के अंतर्गत खेड़ा रूद्धा स्टेशन से रामगंजमंडी तक लगभग 20 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन स्वीकृत कर दी जाए, तो नीमच सीधे भोपाल से रेल मार्ग द्वारा जुड़ सकता है।
डॉ. जाजू ने कहा कि नीमच-मंदसौर सांसद सुधीर गुप्ता, विधायक दिलीप सिंह परिहार एवं विधायक ओमप्रकाश सकलेचा को इस दिशा में गंभीर पहल करते हुए केंद्र सरकार की पीएम गति शक्ति योजना के अंतर्गत इस रेल परियोजना को स्वीकृति दिलाने के प्रयास करने चाहिए। इससे मध्यप्रदेश के पश्चिमी छोर पर स्थित नीमच जिले को राज्य के प्रमुख शहरों से बेहतर रेल संपर्क मिल सकेगा।
उन्होंने बताया कि नीमच-रामगंजमंडी रेल लाइन का सर्वेक्षण पूर्व में यूपीए शासनकाल में स्वीकृत हुआ था, लेकिन वर्षों बाद भी परियोजना आगे नहीं बढ़ सकी। दूसरी ओर, प्रस्तावित नीमच-कोटा नई रेल लाइन का फाइनल लोकेशन सर्वे (थ्स्ै) पूरा होकर स्वीकृति के लिए रेल मंत्रालय को भेजा जा चुका है। ऐसे में खेड़ा रूद्धा से रामगंजमंडी तक छोटी लिंक लाइन का निर्माण अपेक्षाकृत कम लागत में संभव है।
डॉ. जाजू के अनुसार प्रस्तावित नीमच-कोटा रेल परियोजना लगभग 201 किलोमीटर लंबी होगी, जो नीमच, जावद, सिंगोली, बेगूं और रावतभाटा होते हुए रावठा रोड से जुड़ेगी। यदि इस मार्ग को रामगंजमंडी-भोपाल रेल लाइन से जोड़ा जाता है, तो नीमच को सीधे भोपाल तक रेल कनेक्टिविटी प्राप्त हो सकेगी। साथ ही राजस्थान के उदयपुर, अजमेर, जोधपुर सहित कई शहरों को भी मध्यप्रदेश और दक्षिण भारत से बेहतर रेल संपर्क मिलेगा।
उन्होंने कहा कि भोपाल-रामगंजमंडी रेल परियोजना लगभग पूर्णता की ओर है और वर्ष 2026 में इसके संचालन की संभावना है। ऐसे में समय रहते खेड़ा रूद्धा-रामगंजमंडी लिंक रेल लाइन को स्वीकृति दिलाना क्षेत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।
डॉ. जाजू ने जिले के सांसद एवं जनप्रतिनिधियों से आग्रह किया है कि वे इस प्रस्ताव को गंभीरता से लेते हुए केंद्र सरकार के समक्ष प्रभावी पैरवी करें, ताकि नीमच को नई रेल कनेक्टिविटी का लाभ मिल सके और क्षेत्र के विकास को नई गति प्राप्त हो।