नीमच। भोपाल से मंदसौर तक प्रस्तावित 4-लेन एक्सेस कंट्रोल्ड ग्रीनफील्ड कॉरिडोर परियोजना को लेकर जिला कांग्रेस ने भाजपा के जनप्रतिनिधियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। जिला कांग्रेस अध्यक्ष तरुण बाहेती ने दावा किया कि इस महत्वाकांक्षी सड़क परियोजना से नीमच जिले को बाहर रखे जाने से जिले के विकास की संभावनाओं को बड़ा झटका लगा है।
पत्रकार वार्ता में बाहेती ने कहा कि प्रारंभिक चर्चाओं में यह मार्ग राजस्थान सीमा तक विस्तारित होने की संभावनाओं के साथ देखा जा रहा था, लेकिन वर्तमान में स्वीकृत परियोजना भोपाल से मंदसौर तक सीमित है। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले के जनप्रतिनिधि इस महत्वपूर्ण मुद्दे पर प्रभावी पहल करने में असफल रहे।
एमपीआरडीसी के दस्तावेजों का हवाला-
बाहेती ने बताया कि मध्यप्रदेश सड़क विकास निगम (MPRDC) द्वारा 26 मई 2026 को अनुबंध क्रमांक 1100/2026 के तहत भोपाल-मंदसौर ग्रीनफील्ड कॉरिडोर की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने के लिए कंसल्टेंसी एजेंसी को कार्य आवंटित किया गया है। उन्होंने कहा कि लगभग 258 किलोमीटर लंबे इस प्रस्तावित कॉरिडोर की डीपीआर तैयार करने पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। कांग्रेस अध्यक्ष का कहना है कि यदि इस परियोजना को आगे बढ़ाकर नीमच और राजस्थान सीमा तक जोड़ा जाता, तो जिले को बेहतर सड़क संपर्क, व्यापारिक विस्तार और औद्योगिक विकास का लाभ मिल सकता था।
जनप्रतिनिधियों से जवाब मांगा-
बाहेती ने सांसद सुधीर गुप्ता, विधायक दिलीप सिंह परिहार, विधायक माधव मारू तथा विधायक ओमप्रकाश सकलेचा से सार्वजनिक रूप से जवाब देने की मांग करते हुए कहा कि जिले के हितों से जुड़े इस मुद्दे पर उनकी भूमिका स्पष्ट होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि नीमच कृषि, अफीम उत्पादन, सीमेंट उद्योग और व्यापारिक गतिविधियों का महत्वपूर्ण केंद्र है। ऐसे में आधुनिक सड़क संपर्क परियोजनाओं में जिले की उपेक्षा चिंता का विषय है।
सामाजिक संगठनों से आगे आने की अपील-
कांग्रेस अध्यक्ष ने जिले के सामाजिक संगठनों, व्यापारिक संस्थाओं, प्रबुद्ध नागरिकों एवं विभिन्न वर्गों से इस मुद्दे पर एकजुट होकर आवाज उठाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि यह केवल राजनीतिक विषय नहीं, बल्कि जिले के दीर्घकालीन विकास से जुड़ा मुद्दा है।
आंदोलन की चेतावनी-
बाहेती ने कहा कि यदि परियोजना के अंतिम स्वरूप में नीमच को शामिल करने के लिए प्रयास नहीं किए गए, तो कांग्रेस पार्टी जनसमर्थन के साथ लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगी और जिले के हितों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रखेगी।