भोपाल। मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज हो गया है। भोपाल में राज्यसभा के रिटर्निग ऑफिसर ने मध्य प्रदेश के राज्यसभा उम्मीदवारों की स्क्रूटनी के बाद फाइनल लिस्ट जारी कर दी है। इनमें बीजेपी कैंडिडेट्स तरुण चुग, महेश केवट और रजनीश अग्रवाल के नाम शामिल हैं।
वहीं कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन फॉर्म 9 जून को रिटर्निंग ऑफिसर ने निरस्त कर दिया था। इसके बाद बुधवार को कांग्रेस के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने बुधवार को दिल्ली में निर्वाचन आयोग से मुलाकात की। कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा,
मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द करने का रिटर्निंग ऑफिसर (RO) का फैसला गलत है और कानून के मुताबिक नहीं है। जिस आधार पर नामांकन रद्द किया गया, उसका कानून में कोई प्रावधान नहीं है। नटराजन के खिलाफ ऐसा कोई आपराधिक मामला नहीं था, जिसका उन्हें खुलासा करना पड़ता। कोर्ट ने सिर्फ एक नोटिस भेजा था। इसमें नटराजन से पूछा गया था कि मामले में आगे सुनवाई शुरू की जाए या नहीं।
प्रतिनिधिमंडल में केसी वेणुगोपाल, जयराम रमेश, रणदीप सुरजेवाला, सचिन पायलट, भूपेश बघेल, विवेक तन्खा शामिल थे। कांग्रेस नेताओं को 2 घंटे में फैसले का आश्वासन दिया था, लेकिन दोपहर से शाम हो गया। आयोग ने कोई फैसला नहीं लिया।
सूत्रों का कहना है- इलेक्शन कमीशन ने कांग्रेस की शिकायत खारिज कर दी है। हालांकि, कांग्रेस नेताओं ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
इधर, भोपाल में कांग्रेस के कार्यकर्ता बुधवार को मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (सीईओ) दफ्तर पहुंचे। गेट बंद मिलने पर उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की यूनिफॉर्म दफ्तर के बाहर गेट पर टांग दी।
दरअसल, मंगलवार को चुनाव अधिकारियों ने हलफनामे में अनियमितताएं पाए जाने के आधार पर मीनाक्षी नटराजन का नामांकन खारिज कर दिया था। जिसके बाद कांग्रेस नेताओं ने दिल्ली और भोपाल में चुनाव आयोग के दफ्तरों के बाहर धरना दिया था।
भाजपा का आरोप था कि उन्होंने शपथ पत्र में हैदराबाद कोर्ट के एक लंबित मामले की जानकारी छिपाई। नटराजन का नामांकन खारिज होने को कांग्रेस ने लोकतंत्र की हत्या और सीट चोरी बताया।