चित्तौड़गढ़। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण चित्तौड़गढ़ के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सभागार में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण की जागृति योजना के अंतर्गत वरिष्ठ नागरिकों से संबंधित विधिक सेवा योजनाओं पर पैरालीगल वालंटियर्स की क्षमतावर्धन कार्यशाला एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का आयोजन ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से किया गया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव योगिता पारीक ने वरिष्ठ नागरिकों के संवैधानिक एवं वैधानिक अधिकारों, कल्याणकारी योजनाओं तथा उपलब्ध निःशुल्क विधिक सहायता की जानकारी दी। उन्होंने माता-पिता एवं वरिष्ठ नागरिक भरण-पोषण एवं कल्याण अधिनियम-2007, संपत्ति संबंधी अधिकारों और वरिष्ठ नागरिकों की सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों पर भी प्रकाश डाला।
सचिव पारीक ने कहा कि वरिष्ठ नागरिक समाज की अमूल्य धरोहर हैं और उनके सम्मान, सुरक्षा एवं अधिकारों की रक्षा करना हम सभी का दायित्व है। उन्होंने पैरालीगल वालंटियर्स को वरिष्ठ नागरिकों तक विधिक सहायता और जागरूकता पहुंचाने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम में पैनल अधिवक्ता भारती गहलोत, डिप्टी चीफ एलएडीसी रमेशचंद्र दशोरा, एलएडीसी असिस्टेंट अंकुश तिवारी, वैशाली अहीर एवं प्रदीप काबरा ने भी विभिन्न विधिक योजनाओं और प्रावधानों की विस्तृत जानकारी प्रदान की।