चित्तौड़गढ़। इंदिरा गांधी प्रियदर्शनी ऑडिटोरियम, चित्तौड़गढ़ में बुधवार को जिला स्तरीय एक दिवसीय प्राकृतिक एवं जैविक खेती कार्यशाला का भव्य आयोजन किया गया।
कार्यशाला में जिलेभर से आए किसानों, कृषि विशेषज्ञों एवं जनप्रतिनिधियों ने भाग लेकर प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देने, कृषि लागत कम करने, किसानों की आय बढ़ाने तथा पर्यावरण संरक्षण पर विस्तार से चर्चा की।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि सांसद सी.पी. जोशी ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि प्राकृतिक खेती केवल खेती का विकल्प नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के स्वस्थ जीवन का आधार है। उन्होंने किसानों को प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण एवं टिकाऊ कृषि प्रणाली अपनाने का संकल्प दिलाया। इस अवसर पर जैविक एवं देशी सब्जियों के बीजों का वितरण भी किया गया।
सांसद जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जैविक एवं प्राकृतिक खेती को राष्ट्रीय स्तर पर नई दिशा मिली है। उन्होंने किसानों से आह्वान किया कि बढ़ती बीमारियों और खेती की बढ़ती लागत को देखते हुए अब समय प्राकृतिक खेती की ओर लौटने का है। उन्होंने बताया कि कोटा में प्राकृतिक खेती के लिए विशेष प्रशिक्षण की व्यवस्था की गई है तथा इच्छुक किसानों से प्रशिक्षण हेतु पंजीयन करवाने का आग्रह किया।
उन्होंने कहा कि वे स्वयं दिल्ली जाते समय चित्तौड़गढ़ की जैविक फल एवं सब्जियां साथ लेकर जाते हैं, क्योंकि जैविक खेती भूमि की उर्वराशक्ति बनाए रखने के साथ मानव स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है।
रासायनिक खेती से बढ़े दुष्प्रभाव, जैविक खेती की ओर लौटना समय की आवश्यकता कृ विधायक श्रीचंद कृपलानी
निम्बाहेड़ा विधायक एवं पूर्व मंत्री श्रीचंद कृपलानी ने कहा कि रासायनिक खाद एवं यूरिया के अत्यधिक उपयोग ने मानव स्वास्थ्य पर गंभीर प्रभाव डाला है। पहले किसान पूर्णतः जैविक खेती करते थे, जिससे लोग स्वस्थ एवं निरोगी जीवन जीते थे।
उन्होंने किसानों से भावनात्मक अपील करते हुए कहा कि प्रत्येक किसान कम से कम एक बीघा भूमि पर जैविक खेती प्रारंभ करे और धीरे-धीरे इसे बढ़ाए। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती अपनाकर किसान अपनी भूमि, परिवार और समाज के स्वास्थ्य की रक्षा कर सकता है।
किसानों की मेहनत देश की सबसे बड़ी ताकत कृ जिला कलक्टर डॉ. मंजू
जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने अपने संबोधन में कहा कि वे स्वयं किसान परिवार से आती हैं और खेती की चुनौतियों को निकट से समझती हैं। उन्होंने कहा कि किसानों की मेहनत ही देश की सबसे बड़ी ताकत है तथा अब समय आ गया है कि खेती को पुनः प्राकृतिक स्वरूप की ओर ले जाया जाए।
उन्होंने कहा कि यूरिया एवं रासायनिक खादों का अत्यधिक उपयोग भूमि की गुणवत्ता को नुकसान पहुंचा रहा है। जैविक खादों के उपयोग और पर्यावरण संतुलन बनाए रखने में किसानों की भूमिका महत्वपूर्ण है। जिला प्रशासन किसानों को जैविक खेती के लिए हरसंभव सहयोग उपलब्ध करवाएगा।
जैविक खेती को जनआंदोलन बनाने पर जोर
कार्यक्रम में भाजपा जिला अध्यक्ष रतनलाल गाड़री ने प्राकृतिक खेती को जनआंदोलन बनाने की आवश्यकता पर बल दिया। मुख्य विषय विशेषज्ञ पवन टांक ने प्राकृतिक एवं जैविक खेती की वैज्ञानिक तकनीकों की विस्तार से जानकारी दी।
राजीविका के डीपीएम डॉ. रमेश धाकड़ द्वारा डूंगला एवं बड़ीसादड़ी ब्लॉक की बेस्ट कैडर महिलाओं को अतिथियों द्वारा टैबलेट वितरित किए गए। कृषि विभाग द्वारा महिलाओं को बीज मिनीकिट तथा कृषि यंत्रों के लाभार्थी किसानों को चेक वितरित किए गए।
महिला अधिकारिता विभाग द्वारा नारी चौपाल कार्यक्रम अंतर्गत लाडो प्रोत्साहन योजना, प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना एवं मुख्यमंत्री नारी शक्ति उद्यम प्रोत्साहन योजना के लाभार्थियों को भी चेक वितरित किए गए।
87 करोड़ की लागत से निर्मित सड़कों एवं पुलों का लोकार्पण
पीडब्ल्यूडी विभाग की पीएमजीएसवाई योजना अंतर्गत निर्मित 15 सड़कों एवं पुलों का लोकार्पण किया गया। इन कार्यों की कुल लागत 87.11 करोड़ रुपये तथा कुल लंबाई 108.49 किलोमीटर रही।
कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. रतनलाल सोलंकी द्वारा प्राकृतिक खेती संबंधी फोल्डर का विमोचन किया गया। विभिन्न विभागों द्वारा प्रदर्शनी भी लगाई गई। इफको के क्षेत्रीय प्रबंधक मुकेश आमेटा ने नैनो यूरिया के उपयोग के लाभ बताए।
कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश उपाध्यक्ष नागर सिंह जोधा, पूर्व जिला प्रमुख भैरूसिंह चौहान, भूपेंद्र सिंह बड़ौली, पूर्व विधायक एवं भूमि विकास बैंक चेयरमैन बद्रीलाल जाट, जिला महामंत्री रघु शर्मा हर्षवर्धन सिंह,श्रवण सिंह राव, गौरव त्यागी, अनिल ईनाणी, भूपेन्द्र सिंह बडोली, , कैलाश मंत्री, सुधीर जैन,हरीश इनाणी, गोवर्धन जाट, गोपाल चौबे, मनोज पारीक, नंद किशोर लौहार, कुलदीप चतुर्वेदी,आशिष शर्मा, मंडल अध्यक्ष ,भंवर सिंह, अशोक जाट, भुपेन्द्र सालवी, अशोक जाट, भवानीराम जाट, शेलेन्द्र झंवर,हेमेन्द्र सिंह, दिनेश पाराशर, ओमप्रकाश शर्मा, सहित अनेक जनप्रतिनिधि, प्रगतिशील किसान, कृषि सखियां एवं विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यशाला में जिलेभर से लगभग 1375 प्रतिभागियों ने भाग लिया।
कार्यक्रम के समापन सत्र में संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) डॉ. शंकरलाल जाट ने सभी अतिथियों, जनप्रतिनिधियों एवं किसानों का आभार व्यक्त किया। मंच संचालन सहायक निदेशक उद्यान जोगेंद्र सिंह राणावत एवं कृषि अधिकारी उद्यान डॉ. विमल सिंह राजपूत द्वारा किया गया।