खरगोन। जिले की धुलकोट विधानसभा क्षेत्र के दगड़खेड़ी गांव में प्रस्तावित औद्योगिक क्षेत्र को लेकर आदिवासी किसानों का विरोध लगातार जारी है। किसान सोमवार से तहसील कार्यालय परिसर में धरना दे रहे हैं। उन्होंने रात भी वहीं बिताई और भोजन की व्यवस्था भी स्थल पर ही की। धरना प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हैं। मंगलवार को भी किसानों का आंदोलन जारी रहा।
जागृत आदिवासी दलित संगठन के बलिराम सोलंकी और शिवराम कनासे ने आरोप लगाया कि वर्ष 2022 से वे लगातार मुख्यमंत्री, कलेक्टर, एसडीएम और तहसील कार्यालय में आवेदन देकर भूमि अभिलेखों में सुधार की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई समाधान नहीं हुआ। उनका कहना है कि करीब 250 किसानों की जमीन को शासकीय भूमि बताते हुए औद्योगिक क्षेत्र विकसित करने की योजना बनाई जा रही है, जो किसानों के साथ अन्याय है।
किसानों का दावा है कि लगभग 500 एकड़ भूमि 250 किसानों के नाम दर्ज है और उनके पास वैध पट्टे एवं पावती दस्तावेज मौजूद हैं। इसके बावजूद राजस्व रिकॉर्ड में फेरबदल किया गया है, जिससे किसान शासन की विभिन्न योजनाओं के लाभ से वंचित हो रहे हैं। किसानों ने इसे आदिवासी समुदाय को उनकी जमीन से बेदखल करने की कोशिश बताया है।
इस मामले में तहसीलदार संजय चौहान ने बताया कि किसानों की मांगों से उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है और आगे की कार्रवाई उच्च स्तर के निर्देशानुसार की जाएगी।