गरोठ। तहसील क्षेत्र की ग्राम पंचायत नलखेड़ा में शासकीय भूमि को उद्योग स्थापना के लिए आवंटित किए जाने के विरोध में पावटी, जूनापानी और नलखेड़ा के ग्रामीणों ने तहसीलदार गरोठ को ज्ञापन सौंपकर आपत्ति दर्ज कराई है।
ग्रामीणों का कहना है कि जिस शासकीय भूमि को उद्योग के लिए आवंटित किया गया है, उसके समीप दो गौशालाएं संचालित हैं, जहां लगभग एक हजार गौवंश का पालन-पोषण किया जा रहा है। उनका आरोप है कि उद्योग स्थापित होने से क्षेत्र में प्रदूषण, शोर तथा भारी वाहनों की आवाजाही बढ़ेगी, जिससे गौवंश और आसपास का वातावरण प्रभावित हो सकता है।
ग्रामीणों ने ज्ञापन में बताया कि प्रस्तावित भूमि के आसपास का क्षेत्र गौवंश के विचरण एवं चारे की उपलब्धता के लिए महत्वपूर्ण है। ऐसे में उद्योग स्थापना से गौशालाओं के संचालन और पशुओं की सुरक्षा पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका है।
ज्ञापन के माध्यम से ग्रामीणों ने शासन एवं प्रशासन से मांग की है कि गौशालाओं के निकट प्रस्तावित उद्योग स्थापना के निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए तथा उद्योग के लिए किसी अन्य उपयुक्त स्थान का चयन किया जाए।
इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण, जनप्रतिनिधि एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे। तहसीलदार ने ग्रामीणों की आपत्तियों पर नियमानुसार परीक्षण कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।