नीमच। मध्यप्रदेश राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन पत्र निरस्त किए जाने के मामले पर कांग्रेस नेताओं की प्रतिक्रियाएं लगातार सामने आ रही हैं। जिला कांग्रेस उद्योग एवं व्यापार प्रकोष्ठ के अध्यक्ष कमल मित्तल ने इस कार्रवाई को लोकतांत्रिक परंपराओं और संवैधानिक मूल्यों के विरुद्ध बताते हुए इसकी कड़ी निंदा की है।
जारी बयान में कमल मित्तल ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन को पर्याप्त समर्थन मिलने की संभावना से भाजपा घबराई हुई थी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के सभी विधायक एकजुट होकर उनके पक्ष में मतदान करने का मन बना चुके थे, ऐसे में भाजपा ने अपनी राजनीतिक हार के डर से लोकतांत्रिक प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया।
मित्तल ने कहा कि मीनाक्षी नटराजन के खिलाफ ऐसा कोई मामला नहीं है, जिसमें उन्हें किसी न्यायालय द्वारा सजा या दंड दिया गया हो। इसके बावजूद उनका नामांकन निरस्त किया जाना राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित प्रतीत होता है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक गांधीवादी और स्वच्छ छवि की नेता को निशाना बनाकर लोकतंत्र की मूल भावना को आघात पहुंचाया गया है।
उन्होंने कहा कि इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए तथा न्यायिक स्तर पर इसकी समीक्षा आवश्यक है, ताकि जनता के सामने सत्य सामने आ सके। कमल मित्तल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी इस मुद्दे को लेकर लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष कर रही है और देशभर में विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं।
उन्होंने आशा व्यक्त की कि संबंधित संवैधानिक और न्यायिक संस्थाएं मामले का निष्पक्ष परीक्षण कर लोकतंत्र में जनता के विश्वास को मजबूत करेंगी।