भोपाल। मध्य प्रदेश से राज्यसभा सीट के लिए कांग्रेस प्रत्याशी मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किए जाने के मामले में विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। इस फैसले के खिलाफ कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। पार्टी की ओर से याचिका बुधवार-गुरुवार की दरमियानी रात 1 बजकर 48 मिनट पर डिजिटल माध्यम से दायर की गई। इसमें आरोप लगाया गया है कि रिटर्निंग ऑफिसर ने मनमाने, गैर-कानूनी और पक्षपातपूर्ण तरीके से नामांकन रद्द किया, इसलिए इस निर्णय को निरस्त किया जाए।
उधर, इस पूरे मामले में चुनाव आयोग की चुप्पी ने राजनीतिक हलचल और तेज कर दी है। सूत्रों के अनुसार आयोग इस मामले में कानूनी राय लेने के बाद आगे का निर्णय ले सकता है। आज दोपहर 3 बजे तक का समय बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि यह नाम वापसी की अंतिम समय-सीमा है।
यदि निर्धारित समय तक आयोग की ओर से कोई निर्णय नहीं आता या स्थिति जस की तस रहती है, तो भाजपा उम्मीदवार महेश केवट का निर्वाचन तय माना जा रहा है। ऐसी स्थिति में बाकी दो सीटों पर भाजपा के उम्मीदवार तरुण चुग और रजनीश अग्रवाल पहले ही निर्विरोध जीत दर्ज कर चुके हैं, जिससे प्रदेश की सभी तीन राज्यसभा सीटों पर भाजपा का कब्जा हो सकता है।
इसी बीच कांग्रेस ने इस मुद्दे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से भी मुलाकात का कार्यक्रम तय किया है। साथ ही आज दिल्ली स्थित कांग्रेस मुख्यालय में वरिष्ठ नेताओं की अहम बैठक भी बुलाई गई है, जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी।