भोपाल/नई दिल्ली। मध्यप्रदेश की तीनों राज्यसभा सीटों पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के उम्मीदवारों का निर्विरोध निर्वाचन हो गया है। निर्वाचन अधिकारियों द्वारा भाजपा प्रत्याशी रजनीश अग्रवाल, तरुण चुग और महेश केवट को निर्वाचन प्रमाण-पत्र (सर्टिफिकेट) प्रदान कर दिए गए हैं।

राज्यसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त किए जाने के बाद उत्पन्न विवाद के बीच यह परिणाम सामने आया है। कांग्रेस द्वारा नामांकन निरस्त किए जाने के निर्णय को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की गई है, जिस पर अब शुक्रवार को सुनवाई होगी।

गुरुवार को हुई सुनवाई के दौरान कांग्रेस की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी ने अदालत से मामले की तत्काल सुनवाई का आग्रह करते हुए कहा कि नामांकन वापसी की समय-सीमा समाप्त होने वाली है, इसलिए शीघ्र निर्णय आवश्यक है। इस पर चुनाव आयोग की ओर से कहा गया कि याचिका की प्रति अभी प्राप्त नहीं हुई है, इसलिए मामले का अध्ययन करने और जवाब प्रस्तुत करने के लिए समय आवश्यक है।

कांग्रेस की ओर से यह भी अनुरोध किया गया कि अंतिम सुनवाई तक चुनाव परिणाम घोषित नहीं किए जाएं। हालांकि अदालत ने मामले को शुक्रवार के लिए सूचीबद्ध करते हुए कहा कि ऐसे मामलों में विधिक स्थिति पहले से निर्धारित है। कांग्रेस ने अपनी याचिका में आरोप लगाया है कि रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा मीनाक्षी नटराजन का नामांकन निरस्त करने का निर्णय गैर-कानूनी, मनमाना एवं पक्षपातपूर्ण है। याचिका में इस निर्णय को निरस्त करने की मांग की गई है।

उल्लेखनीय है कि नामांकन निरस्त होने के बाद राज्यसभा चुनाव में भाजपा के तीनों उम्मीदवारों का निर्विरोध निर्वाचन सुनिश्चित हो गया।
