इंदौर। मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में निर्माणाधीन आईटी पार्क-3 का मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने निरीक्षण कर निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया। लगभग 557 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हो रहा यह प्रोजेक्ट मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ का सबसे बड़ा आईटी पार्क होगा। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्माण कार्य इस वर्ष के अंत तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए।
करीब 11.50 लाख वर्ग फीट क्षेत्र में विकसित हो रहे इस अत्याधुनिक आईटी पार्क में दो मंजिला बेसमेंट और 17 मंजिला इमारत का निर्माण तेजी से किया जा रहा है। यह परियोजना प्रदेश के आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर को नई ऊंचाई देने के साथ हजारों युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी उपलब्ध कराएगी।
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में इंफोसिस और एक्सेंचर जैसी प्रतिष्ठित आईटी कंपनियां पहले से कार्यरत हैं। आईटी पार्क-3 के शुरू होने के बाद कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय कंपनियां भी इंदौर में निवेश करेंगी, जिससे स्थानीय युवाओं को बेहतर रोजगार मिलेगा और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इंदौर और उज्जैन को एक बड़े मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। आईटी पार्क-3 इस विकास यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव साबित होगा और भविष्य में यह क्षेत्र देश के प्रमुख आईटी हब के रूप में अपनी पहचान बनाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य प्रदेश के प्रतिभाशाली युवाओं को स्थानीय स्तर पर ही रोजगार उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें रोजगार के लिए दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े।