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October 13, 2026, 12:37 pm
BIG NEWS : 27 प्रतिशत कोटा सुनिश्चित करने नए संशोधित कानून और अध्यादेश पर मंथन, कांग्रेस ने 52 प्रतिशत आबादी के हिसाब से आरक्षण की मांग, बीजेपी ने विपक्ष पर लगाया भ्रम फैलाने का आरोप, पढे़ खबर

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भोपाल। मध्य प्रदेश में हाल ही में हाईकोर्ट द्वारा 2019 के ओबीसी आरक्षण संशोधन अधिनियम को खारिज किए जाने के बाद, राज्य की मोहन सरकार एक्शन मोड में आ गई है। राजनीतिक और विधिक गलियारों से मिल रही सबसे बड़ी जानकारी के अनुसार, प्रदेश सरकार राज्य में 27 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण को कानूनी जामा पहनाने के लिए एक नया संशोधित कानून या नया अध्यादेश लाने पर विचार कर रही है।


विधि-विशेषज्ञों से चल रहा है गहन मंथन
सूत्रों के हवाले से खबर है कि सरकार सर्वोच्च न्यायालय (Supreme Court) का रुख करने के साथ-साथ राज्य स्तर पर भी विकल्प तलाश रही है।कमियों को दूर करने की तैयारी: पूर्ववर्ती कमलनाथ सरकार द्वारा 8 मार्च 2019 को लाए गए और जुलाई 2019 में विधानसभा से पारित संशोधन अध्यादेश (2019) की जिन विधिक कमियों को आधार बनाकर हाईकोर्ट ने इसे खारिज किया है, उन तमाम बिंदुओं पर विधि-विशेषज्ञों (Legal Experts) से गहन परामर्श किया जा रहा है।


नए सिरे से रिपोर्ट तैयार करने की कवायद
27 प्रतिशत आरक्षण के दायरे को कानूनी रूप से टिकने योग्य बनाने के लिए सरकार नए सिरे से पुख्ता आंकड़े और ठोस कारण जुटाने में जुटी है, ताकि संवैधानिक प्रावधानों के तहत आरक्षण का दायरा सुरक्षित किया जा सके।


क्या थी 2019 के अध्यादेश की पृष्ठभूमि?
गौरतलब है कि तत्कालीन कमलनाथ सरकार ने मार्च 2019 में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) का आरक्षण प्रदेश में 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत करने के लिए अध्यादेश लागू किया था, जिसे बाद में अधिनियम का रूप दिया गया था। लंबे समय से चल रहे कानूनी संघर्ष के बाद हाल ही में हाईकोर्ट की खंडपीठ ने उस कानून को असंवैधानिक करार देते हुए निरस्त कर दिया है और कोटा वापस 14 प्रतिशत तक सीमित कर दिया है।


आबादी के अनुपात में मिले 52% आरक्षण
मामले में वरिष्ठ कांग्रेस नेता मानक अग्रवाल ने कहा कि भाजपा सरकार ने न्यायालय में मामले की मजबूत पैरवी नहीं की, जिसके चलते कमजोर कानूनी पैरवी के कारण ओबीसी आरक्षण का यह मामला उलझ गया। कांग्रेस ने मांग की है कि मध्य प्रदेश में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) की आबादी करीब 52 प्रतिशत है, इसलिए सरकार को महज दिखावे के लिए नहीं, बल्कि पूरी ईमानदारी से आबादी के अनुपात में 52 प्रतिशत आरक्षण सुनिश्चित करने के लिए नया कानून लाना चाहिए। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि ओबीसी वर्ग को उसका हक नहीं मिला, तो पार्टी सरकार को पूरी तरह से कटघरे में खड़ा करेगी।


‘कांग्रेस ने हमेशा जनता को ठगा, बीजेपी हर वर्ग को न्याय दे रही’
भाजपा सांसद दर्शन सिंह चौधरी ने कांग्रेस पर इस मुद्दे पर ओछी राजनीति करने और समाज में भ्रम फैलाने का गंभीर आरोप लगाया है। सांसद ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार ने हमेशा एसटी, एससी, ओबीसी और सामान्य वर्ग—सभी को साथ लेकर चलने का काम किया है और हर वर्ग को उसकी आबादी और जरूरत के हिसाब से न्याय दिया है।

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