बड़वानी। जिले की निवाली जनपद की ग्राम पंचायत सिलदड़ में प्रधानमंत्री आवास योजना के नाम पर खुली उगाही का मामला सामने आया है। मंगलवार दोपहर मेरखेड़ी और सिलदड़ गांव के करीब 40 से 50 गरीब हितग्राही कलेक्टर दफ्तर पहुंचे।
ग्रामीणों ने कलेक्टर के नाम तहसीलदार राहुल सोलंकी को ज्ञापन सौंपकर सरपंच और सचिव पर रिश्वतखोरी के गंभीर आरोप लगाते हुए जांच की मांग की है।
ग्रामीण नाहजा खरते, नयाराम आर्य और सलीम आर्य समेत अन्य लोगों ने बताया कि 2025 में जब पीएम आवास की फाइल जमा हुई, तो सरपंच गजा आर्य और सचिव राजेश तरोले ने हर हितग्राही से 2500-2500 रुपए ऐंठ लिए। गरीबों को डराया गया कि पैसे नहीं दिए तो आवास रिजेक्ट हो जाएगा। डर के मारे लोगों ने नकद रुपए दिए, तब जाकर उनके खातों में पहली किस्त आई।
इसके बाद जब मकान बनकर तैयार हुए और जियो टैग (फोटो अपलोड) करने की बारी आई, तो फिर से प्रति हितग्राही 2500 रुपए वसूले गए। अब 2026 की नई सूची जारी हुई है, तो सरपंच-सचिव फिर से प्रति हितग्राही 5000 रुपए मांग रहे हैं और पैसे न देने पर सूची से नाम काटने की धमकी दे रहे हैं।
जांच टीम बनाकर होगी कार्रवाई
ज्ञापन लेने के बाद प्रशासन ने मामले में जांच का भरोसा दिया है। पीड़ित ग्रामीणों का कहना है कि वे सब गरीब मजदूर हैं और किसी तरह उधार-बाड़ी करके रिश्वत देने पर मजबूर हुए हैं।
ग्रामीणों ने मांग की है कि रिश्वतखोर सरपंच और सचिव के खिलाफ तुरंत जांच बैठाकर उन्हें पद से हटाया जाए।
तहसीलदार राहुल सोलंकी ने बताया कि ग्रामीणों की शिकायत दर्ज कर ली गई है। निवाली जनपद सीईओ से बात करके जांच टीम बनाई जा रही है, जो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करेगी।