शाजापुर। पुलिस अधीक्षक प्रियंका शुक्ला द्वारा साइबर अपराधों की रोकथाम और पीड़ितों को राहत दिलाने के लिए शुरू की गई पहल का असर दिखाई देने लगा है। थाना बेरछा की साइबर हेल्प डेस्क की तत्परता और साइबर सेल के समन्वय से साइबर ठगी के एक पीड़ित को 1 लाख 49 हजार रुपये की पूरी राशि वापस मिल गई।
APK फाइल के जरिए हुई थी धोखाधड़ी-
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 10 सितंबर 2026 की रात करीब 8 बजे थाना बेरछा क्षेत्र के विकला खेड़ी निवासी श्रवण सिंह, पिता लक्ष्मण सिंह के क्रेडिट कार्ड से APK फाइल के माध्यम से धोखाधड़ी हुई थी। उनके क्रेडिट कार्ड से अमेजन पर 1 लाख रुपये और पेटीएम के माध्यम से 49 हजार रुपये की अनधिकृत खरीदारी की गई थी।
शिकायत मिलने के बाद थाना बेरछा की साइबर हेल्प डेस्क ने राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर शिकायत को अपडेट किया और साइबर सेल के समन्वय से आवश्यक कार्रवाई की। पुलिस के प्रयासों के बाद 13 अक्टूबर 2026 को धोखाधड़ी की पूरी राशि पीड़ित के बैंक खाते में वापस प्राप्त हो गई।
सभी थानों में सक्रिय हैं साइबर हेल्प डेस्क-
पुलिस अधीक्षक प्रियंका शुक्ला की पहल के तहत जिले के सभी थानों में साइबर हेल्प डेस्क के माध्यम से साइबर अपराधों से जुड़ी शिकायतों पर कार्रवाई की जा रही है। इसका उद्देश्य लोगों को जागरूक करना, शिकायतों पर समय पर कार्रवाई करना और पीड़ितों की राशि वापस दिलाने के प्रयास करना है।
साइबर ठगी होने पर तत्काल करें शिकायत-
शाजापुर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। साथ ही संबंधित बैंक को भी अनधिकृत लेन-देन की सूचना दें।
पुलिस ने अनजान APK फाइल डाउनलोड नहीं करने, संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से बचने तथा OTP, PIN और बैंक संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी है। समय पर शिकायत करने से धोखाधड़ी की राशि को आगे हस्तांतरित होने से रोकने और पीड़ित को राहत दिलाने में मदद मिल सकती है।