इंदौर। इंदौर-देवास बायपास की बदहाल स्थिति को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में आज जनहित याचिका पर सुनवाई होगी। पिछली सुनवाई में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने तस्वीरें पेश कर दावा किया था कि सड़क के गड्ढे भर दिए गए हैं और समस्याओं को दूर कर दिया गया है। इस पर कोर्ट ने याचिकाकर्ता को मौके पर जाकर सड़क की मौजूदा स्थिति देखने और अगली सुनवाई में वास्तविक स्थिति से अवगत कराने के निर्देश दिए थे। अब सुनवाई में NHAI के दावों और मौके की हकीकत पर सबकी नजरें रहेंगी।
2021 में दायर हुई थी जनहित याचिका
इंदौर-देवास बायपास की बदहाली और सड़क सुरक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर मातृ फाउंडेशन की ओर से एडवोकेट अमेय बजाज ने वर्ष 2021 में जनहित याचिका दायर की थी। याचिका में सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे, खराब सर्विस रोड, खुले ड्रेनेज, जलभराव और बंद या खराब स्ट्रीट लाइट जैसी समस्याएं उठाई गई हैं। इसके अलावा दुर्घटना संभावित स्थानों और अव्यवस्थित यातायात को लेकर भी चिंता जताई गई है।
याचिकाकर्ता ने पिछली सुनवाई में दावा किया था कि बायपास की हालत अब भी खराब है। उन्होंने गड्ढे में गिरने से एक महिला की मौत होने का मुद्दा भी उठाया था और आरोप लगाया था कि अदालतों के निर्देशों का प्रभावी पालन नहीं होने से हादसों का खतरा बना हुआ है।
NHAI ने तस्वीरें पेश कर किया था सुधार का दावा
पिछली सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने NHAI से पूछा था कि वर्ष 2023 के अंतरिम आदेश और सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन के बाद बायपास की स्थिति सुधारने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं। इसके जवाब में प्राधिकरण ने तस्वीरें पेश करते हुए गड्ढे भरने और समस्याओं के समाधान का दावा किया था।
इसके बाद कोर्ट ने याचिकाकर्ता को खुद मौके पर जाकर सड़क की स्थिति देखने के निर्देश दिए। आज की सुनवाई में यह स्पष्ट हो सकता है कि सड़क की हालत में वास्तव में कितना सुधार हुआ है और क्या समस्याएं अब भी बनी हुई हैं।
सड़क सुरक्षा और जल निकासी के इंतजामों पर भी सवाल
जनहित याचिका में सड़क सुरक्षा के उपायों को प्रभावी ढंग से लागू करने की मांग की गई है। इसमें दुर्घटना संभावित क्षेत्रों की पहचान, चेतावनी संकेतक लगाने, प्रकाश व्यवस्था दुरुस्त करने, यातायात की निगरानी और आपातकालीन सेवाओं को बेहतर बनाने जैसे मुद्दे शामिल हैं।
इसके अलावा अवैध पार्किंग, ढाबों और व्यावसायिक अतिक्रमण पर नियंत्रण के साथ जल निकासी की व्यवस्था सुधारने की मांग भी की गई है। अब हाईकोर्ट की सुनवाई में बायपास की मौजूदा स्थिति और सुधार कार्यों को लेकर क्या तथ्य सामने आते हैं, इस पर नजर रहेगी।