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October 27, 2026, 1:57 pm
NEWS : बिना वैध अनुमति संचालित उद्योगों को बड़ी राहत, 31 दिसंबर तक लागू रहेगी विशेष छूट योजना, चित्तौड़गढ़ एवं प्रतापगढ़ सहित प्रदेशभर की पात्र औद्योगिक इकाइयों को मिलेगा लाभ, पुराने बकाया सम्मति शुल्क से मिलेगी छूट, पढ़े रेखा खाबिया की खबर

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चित्तौड़गढ़। राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने बिना वैध सम्मति के संचालित हो रहे उद्योगों, प्रक्रियाओं और परियोजनाओं को पर्यावरणीय नियमों के दायरे में लाने के लिए विशेष छूट योजना (स्पेशल डिस्पेंसेशन स्कीम) लागू की है। मंडल के सदस्य सचिव कपिल चंद्रवाल द्वारा जारी आदेश के अनुसार, योजना के तहत पात्र औद्योगिक इकाइयों को पिछले वर्षों के बकाया सम्मति शुल्क (बैक पीरियड फीस) से छूट दी जाएगी। यह योजना 31 दिसंबर 2026 तक प्रभावी रहेगी।

राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी आशीष कुमार बौरासी ने बताया कि योजना का लाभ उन उद्योगों को मिलेगा, जो बिना वैध सम्मति के संचालित हो रहे हैं और पहली बार मंडल से सम्मति प्राप्त करने के लिए आवेदन कर रहे हैं। इस योजना से चित्तौड़गढ़ एवं प्रतापगढ़ सहित प्रदेशभर की पात्र औद्योगिक इकाइयों को राहत मिलेगी। साथ ही, उन्हें पर्यावरणीय नियमों के अनुरूप संचालन सुनिश्चित करने का अवसर भी प्राप्त होगा।

पुराने बकाया सम्मति शुल्क से मिलेगी छूट-
योजना के तहत पात्र उद्योगों को पिछले वर्षों का बकाया सम्मति शुल्क जमा कराने से छूट मिलेगी। ऐसे उद्योग निर्धारित प्रक्रिया और वर्तमान में लागू शुल्क के अनुसार जल (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1974 तथा वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम, 1981 के तहत सम्मति प्राप्त करने के लिए आवेदन कर सकेंगे।

उल्लेखनीय है कि नियमानुसार किसी उद्योग या परियोजना की स्थापना से पहले सम्मति स्थापना (कंसेंट टू एस्टेब्लिश—CTE) और संचालन शुरू करने से पहले सम्मति संचालन (कंसेंट टू ऑपरेट—CTO) प्राप्त करना आवश्यक है।

लंबित आवेदनों को भी मिलेगा लाभ-
विशेष छूट योजना का लाभ उन औद्योगिक इकाइयों को भी दिया जाएगा, जिनके सम्मति संबंधी आवेदन मंडल के पास पहले से लंबित हैं। हालांकि, जिन प्रकरणों में मंडल आवेदन का निस्तारण कर चुका है, उनमें पहले जमा कराए गए सम्मति शुल्क की वापसी का कोई प्रावधान नहीं होगा।

पर्यावरणीय नियमों के अनुपालन का मिलेगा अवसर-
इस योजना का उद्देश्य बिना वैध सम्मति के संचालित हो रही पात्र औद्योगिक इकाइयों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवश्यक सम्मति प्राप्त करने और पर्यावरणीय नियमों के अनुरूप संचालन करने का अवसर देना है। हालांकि, उद्योगों द्वारा पूर्व में किए गए उल्लंघनों के संबंध में नियमानुसार कार्रवाई करने का अधिकार राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल के पास सुरक्षित रहेगा।

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