मंदसौर। सुंदरलाल पटवा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय में नवप्रवेशित एमबीबीएस विद्यार्थियों के स्वागत और उन्हें चिकित्सा शिक्षा के प्रति उनके दायित्वों से अवगत कराने के उद्देश्य से गरिमामय व्हाइट कोट समारोह आयोजित किया गया। महाविद्यालय में प्रवेश लेने वाला यह एमबीबीएस का तीसरा बैच है।
कार्यक्रम का शुभारंभ सामूहिक वंदे मातरम् गायन के साथ हुआ। इसके बाद मुख्य अतिथि महाविद्यालय की अधिष्ठाता डॉ. शशि गांधी, विशिष्ट अतिथि एवं लोटस वैली स्कूल मंदसौर के संस्थापक विकास आचार्य तथा महाविद्यालय के प्राध्यापकों ने मां सरस्वती का पूजन कर दीप प्रज्ज्वलित किया।
समारोह के दौरान महाविद्यालय के विभिन्न विभागों के प्राध्यापकों एवं संकाय सदस्यों ने विद्यार्थियों से परिचय प्राप्त किया और अपने-अपने विषय एवं विभाग की भूमिका के बारे में जानकारी दी। इससे नवप्रवेशित विद्यार्थियों को महाविद्यालय के शैक्षणिक वातावरण और चिकित्सा शिक्षा के विभिन्न आयामों को समझने का अवसर मिला।
चिकित्सा सेवा में ज्ञान के साथ संवेदनशीलता भी जरूरी – डॉ. शशि गांधी
मुख्य अतिथि अधिष्ठाता डॉ. शशि गांधी ने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि डॉक्टर बनना केवल शैक्षणिक उपलब्धि नहीं, बल्कि समाज के प्रति एक महत्वपूर्ण नैतिक और मानवीय जिम्मेदारी है। चिकित्सक बनना केवल पेशा नहीं, बल्कि मानवीय संवेदनाओं, नैतिक मूल्यों और समर्पण का दायित्व है।
उन्होंने विद्यार्थियों को चिकित्सा शिक्षा के प्रत्येक चरण में अनुशासन, ईमानदारी, नैतिकता और कर्तव्यनिष्ठा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा कि सफल चिकित्सक बनने के लिए विषय का ज्ञान और चिकित्सकीय दक्षता जरूरी है, लेकिन इसके साथ संवेदनशीलता, विनम्रता और मानवीय दृष्टिकोण भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं।
विशिष्ट अतिथि विकास आचार्य ने विद्यार्थियों को चिकित्सक बनने के लक्ष्य, उद्देश्य और सामाजिक महत्व के बारे में प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि जीवन में स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करना और उसे प्राप्त करने के लिए निरंतर परिश्रम करना सफलता की आधारशिला है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपनी ऊर्जा और समय को लक्ष्य की दिशा में केंद्रित रखते हुए समर्पण एवं दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
चरक शपथ लेकर विद्यार्थियों ने लिया सेवा और नैतिकता का संकल्प
समारोह का विशेष आकर्षण नवप्रवेशित विद्यार्थियों द्वारा चरक शपथ (Charak Oath) ग्रहण करना रहा। इस दौरान विद्यार्थियों ने चिकित्सा व्यवसाय के नैतिक सिद्धांतों का पालन करने, मरीजों के प्रति सम्मान, विश्वास और संवेदनशील व्यवहार रखने तथा समाज के प्रति अपने चिकित्सकीय दायित्वों का निष्ठापूर्वक निर्वहन करने का संकल्प लिया।
व्हाइट कोट धारण कर विद्यार्थियों ने चिकित्सा जीवन की गरिमा, सेवा भावना और मानवीय मूल्यों को आत्मसात करने का संदेश दिया। यह अवसर उनके चिकित्सकीय जीवन की नई यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव रहा।
पोस्टर प्रतियोगिता के विजेताओं को किया सम्मानित
इस अवसर पर शरीर रचना विभाग (एनाटॉमी डिपार्टमेंट) द्वारा आयोजित पोस्टर प्रतियोगिता के परिणाम भी घोषित किए गए। प्रतियोगिता में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली विजेता टीमों को अतिथियों एवं महाविद्यालय के वरिष्ठ प्राध्यापकों द्वारा प्रमाण-पत्र प्रदान कर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का सुव्यवस्थित आयोजन डॉ. सौमित्र सेठिया, डॉ. श्वेता पांडे एवं उनकी टीम द्वारा किया गया। समारोह ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए चिकित्सा शिक्षा की यात्रा का प्रेरणादायी और यादगार आगाज किया।