गरोठ (बोलिया)। नगर में अतिक्रमण हटाने के लिए लोक निर्माण विभाग द्वारा पूर्व में बड़े स्तर पर कार्रवाई की गई थी। इस दौरान कई मकानों के साथ देवनारायण भगवान के मंदिर को भी हटाया गया था। लेकिन कार्रवाई के कुछ समय बाद ही संबंधित स्थानों पर एक बार फिर अतिक्रमण होने लगा है। इससे अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई पर सवाल उठने लगे हैं।
बोलिया से गुजरने वाला इंदौर-उज्जैन मार्ग अत्यंत व्यस्त है। इस मार्ग से प्रतिदिन बड़ी संख्या में छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन होता है। इसी मार्ग पर एक ही लाइन में चार स्कूल संचालित हैं, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं पढ़ने आते हैं। ऐसे में सड़क पर बढ़ती अव्यवस्था और तेज रफ्तार वाहनों के कारण बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता बनी हुई है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, मुख्य मार्ग पर कई वाहन चालक अपने दोपहिया और चारपहिया वाहन सड़क पर ही बेतरतीब ढंग से खड़े कर देते हैं। इससे यातायात प्रभावित होता है और स्कूली बच्चों सहित राहगीरों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। व्यस्त मार्ग पर इस तरह की अव्यवस्था दुर्घटनाओं की आशंका भी बढ़ा रही है।
हाईस्कूल से पुलिस चौकी तक नहीं बना एक भी स्पीड ब्रेकर-
सबसे चिंताजनक स्थिति यह है कि बोलिया हाईस्कूल से पुलिस चौकी तक सड़क पर एक भी स्पीड ब्रेकर नहीं बनाया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस कारण कई वाहन चालक तेज रफ्तार से गुजरते हैं। स्कूलों के आसपास बच्चों की आवाजाही को देखते हुए यहां सड़क सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं होने से दुर्घटना का खतरा बना रहता है।
हादसे से पहले जागे विभाग, अतिक्रमण और यातायात व्यवस्था सुधारने की मांग
स्थानीय नागरिकों ने लोक निर्माण विभाग और प्रशासन से दोबारा अतिक्रमण करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। साथ ही मुख्य मार्ग पर बेतरतीब खड़े वाहनों पर नियंत्रण करने और स्कूल क्षेत्र में आवश्यकतानुसार स्पीड ब्रेकर, संकेतक एवं अन्य सुरक्षा इंतजाम करने की मांग उठाई है।
नागरिकों का कहना है कि संबंधित विभागों को किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार किए बिना समय रहते इन समस्याओं का समाधान करना चाहिए, ताकि स्कूली बच्चों और आम राहगीरों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।