नीमच। रोशनी के महापर्व दीपावली की दस्तक के साथ ही नीमच के बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। कहीं रंग-बिरंगी रोशनी और आकर्षक सजावट लोगों को लुभा रही है तो कहीं मिट्टी के पारंपरिक दीये, रंगोली के रंग और पूजन सामग्री की दुकानें ग्राहकों से गुलजार नजर आ रही हैं। धनतेरस, रूप चौदस और दीपावली को लेकर बाजारों में खरीदारी का उत्साह साफ दिखाई देने लगा है। खास बात यह है कि आधुनिक सजावटी सामानों के बीच मिट्टी के दीयों और पारंपरिक वस्तुओं के प्रति लोगों का लगाव आज भी बरकरार है। इससे कुम्हारों और छोटे दुकानदारों को बेहतर कारोबार की उम्मीद जगी है।
उत्सवी माहौल को जानने बाजार में पहुंची वॉईस ऑफ एमपी की टीम-
इसी उत्सवी माहौल को करीब से जानने के लिए हमारी टीम के चीफ रिपोर्टर मुश्ताक अली शाह ने शहर के बाजारों का जायजा लिया और दुकानदारों के साथ खरीदारी करने पहुंचे लोगों से बातचीत की। लोगों ने बताया कि दीपावली पर नए कपड़े खरीदने, घर सजाने और बच्चों के लिए पटाखे लेने को लेकर खासा उत्साह है। बाजारों में महिलाओं की भीड़ अधिक दिखाई दे रही है। लोग बंधनवार, फूल-मालाएं, सजावटी सामान, रंगोली के रंग, मिठाइयां और पूजन सामग्री की खरीदारी कर रहे हैं।
मिट्टी के दीयों के प्रति आज भी कायम है लोगों का आकर्षण-
बाजार में मिट्टी के दीयों की दुकानों पर भी ग्राहकों की आवाजाही देखने को मिल रही है। इस बार रंग-बिरंगे और आकर्षक डिजाइन वाले दीये भी लोगों को पसंद आ रहे हैं। खरीदारी करने पहुंचे लोगों का कहना है कि मिट्टी के दीये हमारी परंपरा और संस्कृति का हिस्सा हैं। इनसे घर में दीपावली का पारंपरिक माहौल बनता है। कई लोगों ने कृत्रिम रोशनी के बजाय मिट्टी के दीये जलाने की अपील भी की, ताकि कुम्हारों और स्थानीय कारीगरों को प्रोत्साहन मिल सके।
छोटे दुकानदारों को बेहतर कारोबार की उम्मीद-
सजावटी सामान बेचने वाले दुकानदार मुकेश कुमार ने बताया कि उनके यहां 10 रुपये से लेकर 2 हजार रुपये तक के बंधनवार, फूल, गमले और घर सजाने की कई तरह की वस्तुएं उपलब्ध हैं। दुकानदारों के अनुसार शुरुआती दिनों में बाजार में ग्राहकी कुछ धीमी थी, लेकिन अब धीरे-धीरे भीड़ बढ़ने लगी है। उन्हें उम्मीद है कि त्योहार के नजदीक आते ही खरीदारी में और तेजी आएगी।
लोगों से स्थानीय बाजारों से सामान खरीदने की अपील-
वहीं कुछ दुकानदारों ने ऑनलाइन खरीदारी के बढ़ते चलन पर चिंता जताते हुए लोगों से स्थानीय बाजारों से सामान खरीदने की अपील की। उनका कहना है कि स्थानीय दुकानों से खरीदारी करने पर छोटे व्यापारियों और कारीगरों को सीधा लाभ मिलता है।
परंपरा और आधुनिकता का संगम बने बाजार-
बाजारों में एक ओर नए डिजाइन के सजावटी सामान और रंग-बिरंगे दीये आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं, तो दूसरी ओर मिट्टी के खिलौनों और पारंपरिक बर्तनों की मांग भी बनी हुई है। दुकानदारों और ग्राहकों का कहना है कि दीपावली की असली रौनक मिट्टी के दीयों से ही है। कुल मिलाकर नीमच के बाजारों में त्योहार का रंग चढ़ने लगा है और आने वाले दिनों में खरीदारी की रफ्तार और बढ़ने की उम्मीद है।