गुना। पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की श्सत्य सनातन स्वाभिमान यात्राश् बुधवार को उनके गृह क्षेत्र और बेटे जयवर्धन सिंह की विधानसभा राघौगढ़ पहुंची। यहां यात्रा का स्वागत करने के लिए खुद विधायक जयवर्धन सिंह अपनी पत्नी और बेटे के साथ पहुंचे। परिवार ने क्षेत्रवासियों के साथ मिलकर दिग्विजय सिंह की अगवानी की। इस दौरान रथ का पूजन किया गया और पीपल खेड़ी चौराहे पर जननायक टंट्या भील की प्रतिमा का अनावरण भी किया गया।
यात्रा के 16वें दिन बुधवार सुबह बरसत गांव से राघौगढ़ विधानसभा में प्रवेश हुआ। मंगलवार रात यात्रा का पड़ाव चांचौड़ा विधानसभा के घाटा खेड़ी में था। राघौगढ़ पहुंचते ही समर्थकों और कार्यकर्ताओं में उत्साह देखने को मिला।
पीपल खेड़ी में प्रतिमा अनावरण के बाद दिग्विजय सिंह ने यात्रा के उद्देश्य को लेकर कहा कि देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर मिलने वाले चंदे और चढ़ावे के उपयोग में कथित अनियमितताओं के खिलाफ जनजागरण करना इस यात्रा का प्रमुख मकसद है। धार्मिक संस्थाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और शुचिता सुनिश्चित करने की मांग को जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है।
राम मंदिर के चंदे को लेकर फिर उठाए सवाल
दिग्विजय सिंह ने राम मंदिर निर्माण में कथित भ्रष्टाचार और चंदे के उपयोग को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि राम मंदिर चंदा चोरी की शिकायत करने वाले महिपाल सिंह को चंपत राय ने बाहर कर दिया। उन्होंने यूपी लोक निर्माण विभाग के इंजीनियर दीनानाथ वर्मा का भी जिक्र करते हुए कमीशन मांगने के आरोप दोहराए।
दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी इस मामले में चंपत राय को बचाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि राम मंदिर चंदा चोरी और वोट चोरी के खिलाफ उनकी लड़ाई अयोध्या तक जारी रहेगी।
उन्होंने कहा कि जब तक कथित चंदा चोरी के आरोपियों को सजा नहीं मिलती और ईवीएम की जगह मतपत्र से चुनाव कराने की व्यवस्था लागू नहीं होती, तब तक यात्रा जारी रहेगी।
इस दौरान पूर्व मंत्री ओमकार मरकाम, पीसी शर्मा, विधायक डॉ. विक्रांत भूरिया, डॉ. हीरालाल अलावा, आदिवासी कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रदेश अध्यक्ष रामू टेकाम, डॉ. आनंद राय और आदिवासी युवा नेता रामदेव ककोड़िया सहित कई नेता और सनातन धर्मावलंबी मौजूद रहे।