खरगोन। जिले के बिस्टान वन विभाग की लापरवाही और भ्रष्टाचार का एक बड़ा मामला बिस्टान वन परिक्षेत्र में सामने आया है। विभाग द्वारा 30 हेक्टेयर जमीन पर 30 हजार पौधे लगाने का दावा किया गया था, लेकिन हकीकत में जमीन पर 70 से 80 प्रतिशत पौधे सूख चुके हैं और बचे हुए पौधे भी धीरे-धीरे दम तोड़ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार इस वर्ष गर्मी के मौसम में विभाग ने गड्ढे खुदवाए और बारिश में पौधारोपण किया गया। नियमानुसार पौधारोपण स्थल पर लगाए गए बोर्ड पर योजना का नाम, पौधों की संख्या और खर्च की राशि लिखना अनिवार्य होता है, लेकिन मौके पर लगे बोर्ड पर खर्च का कोई उल्लेख नहीं किया गया है, जिससे पूरे मामले पर सवाल खड़े हो रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने जब इस संबंध में जिला वन अधिकारी और बिस्टान रेंजर से फोन पर संपर्क किया तो उनका जवाब था - "दिखवाते हैं।"
बड़े सवाल -
1. 30 हजार पौधों पर कितना बजट खर्च हुआ और पैसा कहां गया?
2. गर्मी में गड्ढे खोदने के बाद पौधों की देखरेख, पानी और सुरक्षा के लिए क्या इंतजाम किए गए?
3. बोर्ड पर खर्च न लिखना क्या अनियमितता को छिपाने की कोशिश है?
वन विभाग हर साल करोड़ों रुपये पौधारोपण के नाम पर खर्च करता है, लेकिन बिस्टान का यह मामला दिखाता है कि कागजों पर पौधे लग रहे हैं और जमीन पर सूख रहे हैं। अब देखना होगा कि जिला प्रशासन इस पर क्या कार्रवाई करता है।