मंदसौर। सुरक्षित बचपन अभियान के अंतर्गत ग्रामीण क्षेत्र के बच्चों को बाल संरक्षण और उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, धुंधड़का में विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर की थीम ‘बोलो, बताओ, बचाओ’ रही।
माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष अनीष कुमार मिश्रा के निर्देशन में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार आयोजित इस शिविर में बच्चों को शारीरिक सुरक्षा, सुरक्षित एवं असुरक्षित स्पर्श (गुड टच और बैड टच), अप्रिय घटना की जानकारी साझा करने, शिकायत एवं रिपोर्टिंग की प्रक्रिया तथा सुरक्षित वयस्क की पहचान के बारे में सरल भाषा में समझाया गया।
कार्यक्रम के दौरान बच्चों को बताया गया कि अपने शरीर की सुरक्षा के प्रति जागरूक रहना उनका अधिकार है। किसी भी तरह के अनुचित स्पर्श, व्यवहार या असहज स्थिति का सामना करने पर चुप न रहें, बल्कि बिना डर या संकोच के अपनी बात किसी विश्वसनीय वयस्क को बताएं। जरूरत पड़ने पर संबंधित अधिकारियों से सहायता लेने के लिए भी प्रेरित किया गया।
शिविर में जिला न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव सिद्धार्थ तिवारी, जिला विधिक सहायता अधिकारी अपर्णा लोधी, महिला थाना प्रभारी रानी बेग, विद्यालय के प्राचार्य गोविंद सहवाग, तहसीलदार, ग्राम प्रतिनिधि, शिक्षकगण एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीण अंचलों के बच्चों तक बाल संरक्षण से जुड़ी कानूनी जानकारी पहुंचाना, उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करना तथा बाल शोषण के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रोत्साहित करना रहा।