मंदसौर। जिले के मलेरिया प्रभावित गांवों एवं आसपास के क्षेत्रों में संक्रमण की रोकथाम और नियंत्रण के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा लगातार निगरानी एवं बचाव संबंधी गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। संदिग्ध मरीजों की शीघ्र पहचान के लिए बुखार सर्वे और एक्टिव केस सर्च अभियान चलाया जा रहा है। वहीं, मच्छरों के नियंत्रण के लिए प्रभावित क्षेत्रों में फॉगिंग भी कराई जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग की टीमें ग्रामीणों को मलेरिया एवं डेंगू के लक्षण, बचाव के उपाय और व्यक्तिगत सुरक्षा के प्रति जागरूक कर रही हैं। इसके लिए गांवों में सामुदायिक बैठकें एवं चौपाल आयोजित की जा रही हैं। इन कार्यक्रमों में ग्रामीणों को बताया जा रहा है कि शासकीय स्वास्थ्य संस्थाओं में मलेरिया एवं डेंगू की निःशुल्क जांच और उपचार की सुविधा उपलब्ध है।
जागरूकता रथ से गांव-गांव पहुंच रहा बचाव का संदेश-
मलेरिया जागरूकता रथ के माध्यम से कोटड़ी, छोटी कोटड़ी, कटना, ठंगी सहित अन्य प्रभावित गांवों में जनजागरूकता गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। रथ के जरिए ग्रामीणों को मच्छरों के प्रजनन स्थलों को समाप्त करने, मलेरिया से बचाव के उपाय अपनाने तथा बुखार आने पर तत्काल जांच कराने और समय पर उपचार लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा इन सभी गतिविधियों की निरंतर निगरानी की जा रही है। मलेरिया संक्रमण के प्रसार को रोकने और प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति पर प्रभावी नियंत्रण के लिए आवश्यक कदम लगातार उठाए जा रहे हैं।