नीमच/बेंगलुरु। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ का आठवां राष्ट्रीय अधिवेशन बेंगलुरु में दिनांक 11, 12 एवं 13 नवंबर 22 को संपन्न हुआ। अधिवेशन में शिक्षकों की प्रमुख समस्याओं पुरानी पेंशन योजना, वेतन के अनुरूप पदनाम देकर पदोन्नत करना, शिक्षकों की अधिवार्षिकी उम्र पूरे देश में एक समान 65 वर्ष करना का प्रस्ताव पारित किया गया। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के पूरे देश में 12 लाख से अधिक सदस्य हैं, देश के 28 राज्यों एवं 120 से अधिक विश्वविद्यालयों में संगठन के सक्रिय सदस्य कार्यरत हैं।
ये रहे सम्मेलन मे मौजूद-
सम्मेलन में राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी सिंघल, राष्ट्रीय संगठन मंत्री महेंद्र कपूर, महामंत्री शिवानंद सिंदनकेरा, राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष हिम्मत सिंह जैन का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ।
कर्नाटक राज्य के मुख्यमंत्री वसवराज बोम्मई, पूर्व मुख्यमंत्री येदुरप्पा, शिक्षा मंत्री आदि की विशिष्ट उपस्थिति रही।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सह सरकार्यवाह सुरेश सोनी, प्रोफेसर अनिरुद्ध देशपांडे के सानिध्य में भारत के 3 श्रेष्ठतम शिक्षकों को शिक्षा भूषण सम्मान दिया गया।
राष्ट्रीय सम्मेलन से वापसी के समय अखिल भारतीय कोषाध्यक्ष हिम्मत सिंह जैन, प्रांतीय उपाध्यक्ष अखिलेश मेहता, संभागीय अध्यक्ष विनोद कुमार पूनी सहित सभी पदाधिकारियों का बेतूल में जिलाध्यक्ष दिलीप गीते, इटारसी में नवीन पटेल एवं मक्सी स्टेशन पर शाजापुर के दिनेश भावसार के नेतृत्व में पुष्पाहार से स्वागत किया गया।
राष्ट्रीय सम्मेलन में नीमच से बद्रीलाल पुरोहित, बंशीलाल प्रजापत, सुनील शर्मा, भारती बैरागी, कमला पालीवाल, मंदसौर से भारत सिंह मंगोलिया, शंकरलाल आंजना, अनोखीलाल नलवाया, रामचंद्र लोहार, कांतिलाल राठौर, घनश्याम पाटीदार, कल्पना शर्मा, सुलोचना द्विवेदी, हेमलता एवं गिरजा मंगोलिया ने भाग लिया।