BREAKING NEWS
BIG NEWS : नीमच में नगर पालिका के शुद्ध पानी के दावे.. <<     KHABAR : साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की मांग.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     KHABAR : राजकोट कथा में बागेश्वर सरकार का हिंदू.. <<     BIG NEWS : राज्यसभा चुनाव के लिए बीजेपी.. <<     BIG REPORT : कांग्रेस ने फूंका चुनावी बिगुल,.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     BIG NEWS : जीरन-मल्हारगढ़ टू-लेन सड़क परियोजना को.. <<     KHABAR : स्कूल शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला, बंद होगी.. <<     BIG NEWS : परिवहन नेटवर्क के साथ हरित विकास को.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     KHABAR : जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत ग्रामीणों.. <<     देवास में किडनैपिंग और ऑनलाइन जबरन वसूली का.. <<     गौरिहार पुलिस की बड़ी कामयाबी, ट्रक चालक से.. <<     KHABAR : झांझरवाड़ा औद्योगिक क्षेत्र बनेगा रोजगार.. <<     BIG NEWS : तस्करों की हाईटेक चाल फेल, जब मल्हारगढ़़.. <<     वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन देने के.. <<     KHABAR : विश्व पर्यावरण दिवस पर वनमंडल कार्यालय.. <<     शाजापुर में नेशनल हाईवे-52 पर भीषण हादसा.. <<     माउंट आबू में 66वें केंद्रीय खेल प्रशिक्षण.. <<    
वॉइस ऑफ़ एमपी न्यूज़ चैनल में विज्ञापन के लिए..
January 19, 2023, 11:59 am
REPORT : वन मंडल अन्तर्गत वन अग्नि प्रबन्धन के लिए कार्यशाला का आयोजन, वन परिक्षेत्र अधिकारियों एवं फ्रंट लाइन स्टाफ को दिया प्रशिक्षण, पढ़े खबर 

Share On:-

देवास। वन मंडल देवास अन्तर्गत आगामी अग्नि सीजन में वन क्षेत्रों को अग्नि के प्रभाव से रोकने के लिए वन परिक्षेत्र अधिकारियों एवं फ्रंट लाइन स्टाफ हेतु प्रशिक्षण का आयोजन किया गया।

वन अग्नि प्रबन्धन कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य वन क्षेत्र में हो रही अग्नि की घटनाओं को कम करना एवं फायर अलर्ट सिस्टम के माध्यम से आने वाले संदेश के माध्यम से घटना स्थल पर तुरंत पहुंचते हुए वन अग्नि से होने वाली हानि को कम करना है। वन समितियों के सदस्यों को जागरूक करने के लिए प्रत्येक वन परिक्षेत्र में रोस्टर बना कर समितियों के साथ मीटिंग के लिए समस्त वन परिक्षेत्र अधिकारी को निर्देशित किया गया। ताकि वन अग्नि की घटनाएं कम से कम हो एवं घटनाएं होने पर तुरंत समिति सदस्यों के सहयोग से उसे प्रबंधित किया जा सके।

समिति सदस्यों को महुआ एकत्र करने के लिए वृक्षों के नीचे आग ना लगाने की समझाइश देने एवं महुआ वृक्षों की बीट वार गणना तथा महुआ एकत्र करने के लिए ग्रीन नेट का उपयोग करने के लिए प्रेरित करे ताकि महुआ फूल की गुणवत्ता भी अच्छी बनी रहे और बाजार में अच्छी दर पर बिक्री हो सके। 15 फरवरी से अग्नि सीजन की शुरुआत हो जाती है तथा मार्च-अप्रैल माह में सबसे अधिक अग्नि की घटनाएं होती है जिसके बचाव हेतु वन मार्गाे, पेट्रोलिंग रूट, गाड़ी दान के रास्तों एवं वन क्षेत्रों से गुजरने वाले रास्तों व राजस्व वन क्षेत्रों में अग्नि कटाई जलाई के कार्य जल्दी पूर्ण करे ताकि आग लगने पर पूरे क्षेत्र में ना फैले। अग्नि कार्यशाला प्रशिक्षण में समस्त वन परिक्षेत्र अधिकारी एवं अधीनस्थ वन स्टाफ उपस्थित रहा।

VOICE OF MP
एडिटर की चुनी हुई ख़बरें आपके लिए
SUBSCRIBE