उज्जैन। गृह मंत्रालय के द्वारा एनडीएमए के सहयोग से देश के विभिन्न राज्यों में आपदा मित्र योजना का संचालित किया जा रहा है। मध्य प्रदेश में 12 जिलों को चिन्हित किया गया है। प्रत्येक जिले में 300 आपदा मित्रों को चिन्हित कर उन्हें 12 दिवसीय आपदा प्रबंधन का प्रशिक्षण दिया जायेगा। उज्जैन जिले में आपदा मित्र योजना के अन्तर्गत प्रशिक्षण होमगार्ड कार्यालय में संचालित किया जा रहा है।
डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट संतोष कुमार जाट ने यह जानकारी देते हुए बताया कि जिले में आपदा मित्र योजना के प्रथम चरण में 150 आपदा मित्रों को विभिन्न आपदाओं के बारे में व्यावहारिक एवं सैद्धान्तिक प्रशिक्षण दिया जा रहा है। प्रथम चरण की शुरूआत 18 जनवरी से भारतीय थल सेना के कर्नल राजेश एहलावत के मुख्य आतिथ्य में हुई। एहलावत ने प्रशिक्षणार्थियों को सम्बोधित करते हुए बताया कि आपदा मित्र योजना प्रदेश एवं देश के लिये आपदा प्रबंधन में मील का पत्थर साबित होगी। डिस्ट्रिक्ट कमांडेंट होमागार्ड संतोष कुमार जाट ने बताया कि आपदा मित्र योजना के तहत जुड़े आपदा मित्रों को प्राकृतिक, मानवजनित आपदाओं के दौरान बचाव के बारे में 12 दिवस का प्रशिक्षण दिया जायेगा। प्रशिक्षण अवधि में आपदा मित्रों को बाढ़, भूकंप, भूस्खलन, आगजनी, मेडिकल इमरजेंसी सहित भगदड़ जैसी घटनाओं को रोकने का प्रशिक्षण कुशल प्रशिक्षकों द्वारा दिया जायेगा। प्रथम चरण 18 जनवरी से प्रारम्भ होकर 29 जनवरी तक संचालित किया जायेगा।
आपदा मित्रों को इंश्योरेंस मिलेगा-
जाट ने बताया कि योजना में शामिल सभी आपदा मित्रों का एक डाटाबैंक तैयार किया जायेगा, जिससे जिले के किसी भी हिस्से में आपदा घटित होने पर निकटवर्ती आपदा मित्र को सूचना प्राप्त होने पर तत्काल राहत बचाव कार्य प्रारम्भ कर सकेंगे। प्रशिक्षण में शामिल समस्त आपदा मित्रों को पांच लाख रुपये का इंश्योरेंस भी कराया जायेगा एवं समस्त मित्रों को एक आधुनिक बचाव उपकरणों की किट प्रदाय की जायेगी। प्रशिक्षणार्थी प्रातः 7 बजे से शाम 6 बजे तक कठिन परिश्रम कर आपदा प्रबंधन के गुर सीख रहे हैं। प्रशिक्षण के तृतीय दिवस 20 जनवरी को एडीएम संतोष टैगोर ने आपदा मित्रों को जनता एवं सरकार के मध्य समन्वय की महत्वपूर्ण कड़ी बताते हुए कहा कि आपदा मित्र की महत्वपूर्ण भूमिका है।