नीमच। शहर के एचडीएफसी बैंक शाखा में हुए करीब 6 करोड़ 50 लाख के घोटाले के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली थी। इस गबन के मास्टरमाइंड रितेश ठाकुर को दिनांक 01 मार्च को गिरफ्तार कर लिया गया था।
कैंट थाने से प्राप्त जानकारी के अनुसार प्रारंभिक पूछताछ में आरोपी रितेश ठाकुर 20 से अधिक रूपए उसके घर से अलमारी से बरामद हुए है। आज दिनांक 02 मार्च को कैंट थाना पुलिस ने आरोपी रितेश ठाकुर को कोर्ट में पेश किया है। यहां पुलिस द्वारा पीआर माँगा जाएगा। जिसके बाद ओर भी कई बड़े खुलासे होने की संभावना है।
उल्लेखनीय है कि एचडीएफसी बैंक नीमच शाखा के कर्मचारी रितेश ठाकुर ने 6 करोड़ 16 लाख 21 हजार रूपए की हेराफेरी की है। इस हेराफेरी का 24 फरवरी को बैंक की ऑडिट रिपोर्ट में खुलासा हुआ था। इसके बाद केंट थाने पर रीजनल मैनेजर की शिकायत के बाद पुलिस ने अपराध क्रमांक 110/23, भादसं की धारा 409 के तहत प्रकरण पंजीकृत किया था। इस मामले को लेकर ब्रांच मैनेजर से भी पुलिस ने लम्बी पूछताछ की थी।
प्रकरण की जांच में सामने आया था कि कर्मचारी रितेश ठाकुर ने बैंक में हेराफेरी की थी। हेराफेरी की रकम में से करीब 1 करोड़ 60 लाख 64 हजार रूपए जमा भी करवा दिए थे। वहीं शेष रकम 4 करोड़ 55 लाख 57 हजार रूपए का गबन किया था। इस पूरे मामले को कैंट पुलिस ने गंभीरता से लिया और मुख्य आरोपी की तलाश शुरू की है। इसके बाद पुलिस टीम को बड़ी सफलता मिली है।
कैश डिपॉजिट मशीन से की थी हेराफेरी-
एचडीएफसी बैंक के कर्मचारी रितेश ठाकुर ने कैश डिपॉजिट मशीन के द्वारा करीब 6 करोड़ से अधिक की राशि का गबन किया था। इस गबन का खुलासा बैंक की ऑडिट रिपोर्ट में हुआ था। इसके बाद से ही यह मामला सुर्खियों में बना हुआ है। इस करोड़ों की हेराफेरी का सबसे पहले वॉईस ऑफ एमपी ने खुलासा किया था।