भोपाल। विधानसभा में भारी हंगामे और शोर शराबे के बीच कांग्रेस के विधायक जीतू पटवारी को विधानसभा अध्यक्ष गिरीश गौतम ने बजट सत्र की शेष अवधि के लिए निलंबित कर दिया है। उन पर सदन में गलत जानकारी देने और आसंदी को गुमराह करने का आरोप था। इस कार्यवाई के बाद सदन शुक्रवार तक के लिए स्थगित कर दिया गया।
कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी को निलंबित करने का प्रस्ताव संसदीय कार्य मंत्री नरोत्तम मिश्रा ने रखा। उन्होंने स्पीकर के आते ही कहा कि सदन को हम मंदिर कहते हैं। आपने भी कहा। इस सदन की मर्यादा को खरोंचने की कोशिशें हो रही हैं। ये पीड़ादायक है। जीतू पटवारी पहले भी ऐसा करते रहे हैं। मामला विशेषाधिकार समिति के पास विचाराधीन है। मैं प्रस्ताव रखता हूं कि बाकी के सत्र के लिए जीतू पटवारी को निलंबित किया जाए। इसके बाद स्पीकर ने उन्हें निलंबित कर दिया। कार्रवाई के बाद जीतू पटवारी बोले- मेरी बात सुनी जाए। इस पर नरोत्तम ने कहा कि निलंबित सदस्य भाषण नहीं दे सकता। इसके बाद सदन की कार्यवाही शुक्रवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई।
जीतू पटवारी के निलंबन का कांग्रेस ने विरोध किया है। कमलनाथ ने कहा कि यह अलोकतांत्रिक कदम है। विधानसभा अध्यक्ष को अपने निर्णय पर पुनर्विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि एकतरफा कार्रवाई विधानसभा की उच्च परंपराओं के अनुकूल नहीं है। वहीं, पूर्व मंत्री सज्जन सिंह वर्मा ने कहा कि हम स्पीकर के खिलाफ प्रस्ताव लाएंगे। बीजेपी के इशारे पर तानाशाही तरीके से जीतू पटवारी को निलंबित किया गया है।