नीमच। गर्मी शुरू होते ही ठंडे पानी की तलब बढ़ने लगी है। ठंडे पानी के लिए मिट्टी के मटकों और घड़ों की दुकानें नीमच में सजने लगी है। नीमच के फव्वारा चौक से शोरूम वाली सड़क पर आपको बड़ी वैरायटी के साथ मटके की दुकानें दिखाई देगी। जिस पर इन दिनो ठंडा पानी पीने की चाह रखने वाले लोग मटकियां खरीदने पहुंच रहे हैं। कोरोना के बाद लोगों में देसी मटके का पानी पीने के प्रति जागरूकता बढ़ी है। लोग समझने लगे हैं की फ्रिज का पानी बीमारी का घर है। ऐसे में लोग मिट्टी के बर्तनों से पानी पीने को महत्व दे रहे हैं। नीमच में मटकांे की दुकानों पर आपको देश के विभिन्न स्थानों के कारीगरों द्वारा वहीं की मिट्टी से निर्मित किए गए पेयजल के विभिन्न साधन उपलब्ध हो जाएंगे। जिसमें मोरबी, अहमदाबाद सिंगावल, ब्यावर, बांसवाड़ा, राजकोट और मध्यप्रदेश व राजस्थान के प्रसिद्ध मटके शामिल है। इन दुकानों पर हरियाणा की ख्यातनाम सुराही और रतलाम की नान भी उपलब्ध है। पेयजल के लिए मटके, नान, टोटी वाले मटके, वाटर जग, कैंपर, वाटर बोतल, सुंदर डिजाइन के लाल सफेद मटके, पक्षियों के पीने के लिए परिंडे बड़ी रेंज में आप ले सकते हैं। जिनकी कीमत 40 से लेकर 400 तक है। यदि मटकों की बात करें तो 5 लीटर से 35 लीटर तक की कैपेसिटी वाले मटके यहां पर बिक रहे हैं। वही 22 लीटर से लेकर 70 लीटर तक की नान भी आप खरीद सकते हैं। मटके का शुद्ध और ठंडा पेयजल स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है और गर्मी में सोंधी खुशबू के साथ राहत भी देता है।